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खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स: खिलाड़ियों की कमी, मेडल पर सवाल

प्रदीप बीदावत प्रदीप बीदावत 40

राजस्थान (Rajasthan) में खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स (Khelo India University Games) की एथलेटिक्स स्पर्धाएं खिलाड़ियों की कम उपस्थिति और अव्यवस्थाओं के कारण असफल हो रही हैं। कई इवेंट्स में मेडल बांटना मुश्किल हुआ। एक खिलाड़ी होने पर मेडल न देने के नियम से नाराजगी बढ़ रही है।

HIGHLIGHTS

  1. 1 कई स्पर्धाओं में खिलाड़ियों की कमी के कारण मेडल नहीं बांटे गए। एकल प्रतिभागी होने पर मेडल न देने के नियम से खिलाड़ियों में नाराजगी। रुचित मोरी ने रिकॉर्ड तोड़ा, लेकिन अकेले दौड़ने के कारण मेडल नहीं मिला। कुछ इवेंट्स में नए मीट रिकॉर्ड भी बने, जैसे रेस वॉक और जेवलिन थ्रो।
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खेलो इंडिया गेम्स: फ्लॉप शो?

जयपुर: राजस्थान (Rajasthan) में खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स (Khelo India University Games) की एथलेटिक्स स्पर्धाएं खिलाड़ियों की कम उपस्थिति और अव्यवस्थाओं के कारण असफल हो रही हैं। कई इवेंट्स में मेडल बांटना मुश्किल हुआ। एक खिलाड़ी होने पर मेडल न देने के नियम से नाराजगी बढ़ रही है।

राजस्थान में 24 नवंबर से शुरू हुए खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स की एथलेटिक्स स्पर्धाएं शुरुआती दिनों से ही अव्यवस्थाओं और खिलाड़ियों की कम उपस्थिति के कारण पूरी तरह से फेल साबित हो रही हैं। पहले ही दिन कई इवेंट्स में इतने कम एथलीट पहुंचे कि गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल तक बांटना मुश्किल हो गया। इस स्थिति ने खिलाड़ियों और आयोजकों, दोनों के लिए चिंता खड़ी कर दी है।

खिलाड़ियों की कमी से खाली रहे मेडल

महिलाओं की 400 मीटर दौड़ में कुल 5 एथलीट्स ने रजिस्ट्रेशन कराया था, लेकिन ट्रैक पर सिर्फ कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी की मनीषा ही उतरीं। उन्होंने अकेले ही रेस पूरी की और गोल्ड मेडल हासिल किया। इस इवेंट में सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल देने की नौबत ही नहीं आई, क्योंकि कोई और प्रतियोगी मौजूद नहीं था।

इसी तरह, पुरुषों की 400 मीटर रेस में 8 खिलाड़ियों का नामांकन था, लेकिन मैदान पर केवल दो ही खिलाड़ी आए। आकाश राज ने गोल्ड जीता, जबकि पी. अभिमन्यु को सिल्वर मेडल मिला। यहां भी ब्रॉन्ज मेडल खाली रह गया, जिससे प्रतिस्पर्धा का स्तर प्रभावित हुआ।

महिलाओं की 5000 मीटर दौड़ में भी कुछ ऐसी ही स्थिति देखने को मिली। इस इवेंट में 5 में से सिर्फ 2 एथलीट्स ने भाग लिया। बुसरा खान ने गोल्ड और रिंकी पावरा ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया, जबकि ब्रॉन्ज मेडल के लिए कोई दावेदार नहीं था।

रुचित मोरी का रिकॉर्ड और मेडल का विवाद

मंगलवार को पुरुषों की 400 मीटर हर्डल्स फाइनल में 8 एथलीट्स के शामिल होने की उम्मीद थी, लेकिन ट्रैक पर केवल स्वर्णिम गुजरात स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के रुचित मोरी ही नजर आए। उन्होंने अकेले दौड़कर 51.00 सेकेंड का बेहतरीन समय निकाला और मीट रिकॉर्ड तोड़ दिया। हालांकि, नियमों के चलते उन्हें गोल्ड मेडल नहीं दिया जाएगा, जिससे वे काफी निराश हैं।

मेडल न दिए जाने पर रुचित ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा, "मैंने मेहनत की, रिकॉर्ड बनाया। दूसरे एथलीट डोपिंग टेस्ट के डर से ट्रैक पर नहीं उतरे, तो इसकी सज़ा मुझे क्यों दी जा रही है? मेरा मेडल क्यों रोका जा रहा है?" उन्होंने यह भी कहा कि जो खिलाड़ी ट्रैक पर नहीं उतरे, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, न कि मेहनत करने वाले को नुकसान।

'एक एथलीट होगा, तो मेडल नहीं' का नियम

टेक्निकल डायरेक्टर सावे ने इस स्थिति पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि अगर किसी इवेंट में सिर्फ एक एथलीट ही भाग लेता है, तो मेडल सेरेमनी नहीं होगी। कम से कम दो प्रतियोगी होने जरूरी हैं। उन्होंने बताया कि यह फैसला एआईयू (Association of Indian Universities) और साई (Sports Authority of India) को पहले से सूचित किया गया था। अब खिलाड़ियों में इस फैसले को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है, जो खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर रहा है।

खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स पर सवाल

कुल मिलाकर, खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स पूरी तरह से फ्लॉप शो साबित हो रहा है। खिलाड़ियों को पर्याप्त प्रतिस्पर्धा नहीं मिल रही है, मेडल नहीं दिए जा रहे हैं और दर्शक भी आयोजन देखने नहीं पहुंच रहे हैं। देशभर की 222 यूनिवर्सिटी के लगभग पांच हजार खिलाड़ी इन गेम्स में हिस्सा ले रहे हैं, लेकिन अव्यवस्थाओं और नियमों के कारण कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी मेहनत का फल नहीं मिल पा रहा है।

कुछ इवेंट्स में टूटे रिकॉर्ड, चमके सितारे

हालांकि, इन अव्यवस्थाओं के बीच कुछ खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नए रिकॉर्ड भी बनाए हैं। मंगलवार का दिन एथलेटिक्स और शूटिंग के शानदार प्रदर्शन के नाम रहा, जहां कुल चार मीट रिकॉर्ड टूटे।

एथलेटिक्स में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन

सवाई मानसिंह स्टेडियम में हुए मुकाबलों में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के राहुल ने पुरुषों की 20 किमी रेस वॉक में 1:25:43.00 का समय लेकर नया रिकॉर्ड बनाया। वहीं, दीपिका ने महिलाओं की जेवलिन थ्रो में 55.53 मीटर फेंककर गोल्ड और मीट रिकॉर्ड दोनों अपने नाम किए। स्वर्णिम गुजरात स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के रुचिर मोरी ने 400 मीटर हर्डल्स में 51.00 सेकेंड का समय लेते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया, भले ही उन्हें मेडल न मिला हो। एलपीयू की पूजा ने महिला हाई जंप में 1.77 मीटर की छलांग लगाकर रिकॉर्ड तोड़ा।

शूटिंग और कैनोइंग में भी जलवा

जगतपुरा शूटिंग रेंज में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की सुरभि राव ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल में 238.9 स्कोर के साथ गोल्ड जीतकर अपने अंतिम यूनिवर्सिटी गेम्स को यादगार बनाया। दूसरी ओर, कैनो और कयाकिंग में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने सात गोल्ड सहित लगातार अपना दबदबा बनाए रखा।

पदक तालिका में गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी 31 गोल्ड के साथ शीर्ष पर बनी हुई है, जबकि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी और एलपीयू भी नजदीकी प्रतिस्पर्धा दे रहे हैं। इन शानदार प्रदर्शनों के बावजूद, खेलों में व्याप्त अव्यवस्थाएं और मेडल वितरण से जुड़े विवाद आयोजन की चमक को फीका कर रहे हैं।

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