एक बयान में कहा गया है कि श्री अन्न को बढ़ावा देने का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभियान देश के करोड़ों लोगों की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करेगा।
अंतर्राष्ट्रीय बाजरा वर्ष (आईवाईओएम) - 2023 वैश्विक उत्पादन बढ़ाने, कुशल प्रसंस्करण और फसल चक्र के बेहतर उपयोग और खाद्य भंडार के एक प्रमुख घटक के रूप में बाजरा को बढ़ावा देने का अवसर प्रदान करेगा।
बाजरा स्वास्थ्य के लिए जितना अच्छा है उतना ही किसानों के लिए फायदेमंद और पर्यावरण के अनुकूल भी माना जाता है।
बाजरा ऊर्जा से भरपूर, सूखा प्रतिरोधी, कम पानी की आवश्यकता वाला और शुष्क मिट्टी और पहाड़ी इलाकों में आसानी से उगाया जा सकता हैै।
अमेरिका में बड़े चाव से खा रहे लोग
अमेरिका जैसा देश बाजरे और ज्वार जैसे अन्न को काफी महत्व दे रहा है। अमरीकी नागरिक इनसे बने उत्पाद और खाद्य पदार्थों को बड़े चाव से खा रहे हैं।
श्री अन्न को उपयोग में लेते हुए अमेरिका में कटलेट, डोसा और उत्तपम जैसे विभिन्न व्यंजन तैयार किए जा रहे हैं।
न्यूज एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट की माने तो न्यूयॉर्क स्थित एक रेस्तरां ने तो अपने मेन्यू में बाजरा आधारित व्यंजनों को शामिल कर लिया है।
कई गुणों से भरपूर है बाजरा
राजस्थान में सबसे ज्यादा उत्पादित होने वाला बाजरा कई गुणों की खान है। ये प्रोटीन का अच्छा स्रोत, ग्लूटेन-मुक्त, ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) में कम और आहार फाइबर, कैल्शियम, आयरन, फॉस्फोरस और फाइटोकेमिकल्स सहित सूक्ष्म पोषक तत्वों से भरपूर हैै।
कई बीमारियों को दूर रखता है बाजरा
बाजरा खाना बड़ा ही लाभदायक है। सर्दियों में बाजरे की रोटी, खिचड़ी आदि न सिर्फ शरीर को गर्माहट प्रदान करती है अपितु इससे शुगर भी नियंत्रित रहता है।
बाजार प्रोटीन से भरपूर होता है और वजन कम करने में भी मदद करता है।