JAIPUR | राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने लिव-इन रिलेशनशिप और विवाह संस्था पर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है।
कोलकाता में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि लिव-इन में रहने वाले लोग जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं हैं।
शादी और पारिवारिक मूल्य
भागवत के अनुसार शादी सिर्फ शारीरिक संतुष्टि का जरिया नहीं बल्कि समाज की एक बुनियादी इकाई है।