माउंट आबू | राजस्थान के प्रसिद्ध हिल स्टेशन माउंट आबू में आयोजित शरद महोत्सव 2025 अब अपनी चमक के बजाय एक बड़े राजनीतिक विवाद के कारण चर्चा में आ गया है। इस तीन दिवसीय उत्सव के समापन के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच तल्खी चरम पर पहुंच गई है। आबू पिण्डवाड़ा के विधायक समाराम गरासिया ने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और इसे सरकार और शीर्ष नेतृत्व का सीधा अपमान करार दिया है। विधायक का आरोप है कि इस सरकारी कार्यक्रम में प्रोटोकॉल और शिष्टाचार की जमकर धज्जियां उड़ाई गई हैं।
प्रोटोकॉल के उल्लंघन का गंभीर आरोप
विधायक समाराम गरासिया ने आरोप लगाया है कि महोत्सव के लिए जो आधिकारिक आमंत्रण पत्र और विज्ञापन छपवाए गए थे उनमें मुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री की तस्वीरें ही गायब थीं। सिर्फ यही नहीं स्थानीय विधायक और सांसद के फोटो को भी होर्डिंग्स और पोस्टरों में जगह नहीं दी गई। विधायक का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों ने अपनी मनमानी करते हुए पूरे कार्यक्रम को संचालित किया और जानबूझकर जनप्रतिनिधियों को नजरअंदाज किया। उन्होंने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि जिस भी स्तर पर यह चूक हुई है उन अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।