बुधवार रात को छात्रा ने कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
निशा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के औरैया जिले की रहनी वाली थी और यहां होस्टल में रहकर एक निजी कोचिंग से मेडिकल की तैयारी कर रही थी।
पुलिस इस छात्रा के आत्महत्या करने के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है। हालांकि, अभी सुसाइड के कारण सामने नहीं आए है।
पुलिस ने छात्रा के शव को एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। परिजनों के आने के बाद शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।
रात को पिता से की थी बात, फिर...
जानकारी में सामने आया है कि छात्रा निशा ने सुसाइड करने से पहले अपने पिता से देर रात फोन पर बात की थी। तब सबकुछ सही लग रहा था। लेकिन उसके बाद पता नहीं अचानक क्या हुआ कि निशा ने कमरे में फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया।
12 दिन पहले ही बदला था हॉस्टल
बताया जा रहा है कि निशा इससे पहले कोटा के इन्द्रविहार इलाके में रहती थी। वह 12 दिन पहले ही हॉस्टल बदलकर महावीर नगर प्रथम इलाके में रहने आई थी।
निशा के हॉस्टल बदलने के दौरान उसके पिता भी उसके साथ थे। वे पांच-छ दिन कोटा में रुककर 23 नवंबर को को ही वापस लौटे थे।
जब बेटी ने फोन नहीं उठाया तो हुआ शक
पिता का कहना है कि उन्होंने रात को निशा को फोन किया था। लेकिन उनकी बेटी ने फोन नहीं उठाया। जिस पर पिता को शक हुआ तो उन्होंने रात 1 बजे हॉस्टल स्टाफ को फोन कर निशा से बात कराने के लिए कहा।
इसके बाद जब हॉस्टल स्टाफ निशा के रूम पर पहुंचा और निशा के गेट नहीं खोलने पर हॉस्टल संचालक को इसकी सूचना दी गई।
जिसके बाद रात में ही रूम का गेट तोड़ा गया तो सभी सन्न रह गए। निशा कमरे में फंदे पर लटकी हुई थी।
3 दिन पहले भी छात्र ने किया था सुसाइड
आपको बता दें कि तीन दिन पहले ही 27 नवंबर को पश्चिम बंगाल के रहने वाले छात्र फोरिद ने भी फंदा लगाकर अपनी जान दे दी थी। फोरिद भी नीट की तैयारी कर रहा था।