इसी के साथ बैठक में पेट्रोल-डीजल पर वैट घटाने पर भी वार्ता की जाएगी। प्रदेश में 6227 पेट्रोल पंप हैं।
ऐसे में माना रहा है कि गहलोत सरकार इस ओर भी प्रदेश की जनता पर ध्यान देगी और पेट्रोल-डीजल पर वैट घटाने का फैसला लेगी।
नहीं मानी मांगे तो हो सकता है आंदोलन
राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह भाटी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए आंदोलन की भी चेतावनी दी है।
उनका कहना है कि 14 जून को राजस्थान सरकार के साथ होनी वाली बैठक में यदि कोई सहमति नहीं बनती है, तो हम आंदोलन की राह पकड़ेंगे। ये आंदोलन चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।
क्या है डीलर्स की मुख्य मांगे ?
- डीलर्स की मांग है कि राजस्थान में पेट्रोल-डीजल पर वेट पंजाब के समान किया जाए।
- ऑयल कंपनी स्तर पर 194 क्यू के तहत डीलर्स द्वारा जमा करवाए गए टीडीएस की धनराशि के भुगतान में देरी होना।
- प्रदेश स्तर पर पेट्रोल पंप डियू में आ रही पोपअप की समस्या का समाधान होना चाहिए।
- आयॅल कंपनी स्तर डियू के सत्यापन के लिये डीलर्स द्वारा जमा धन राशि का भुगतान लंबे समय से लंबित है।
गौरतलब है कि राजस्थान ही ऐसा राज्य है जहां देश में पेट्रोल-डीजल पर सबसे ज्यादा वैट लिया जाता है।
ऐसे में प्रदेशवासियों को लंबे समय से मांग रही है कि राज्य में पेट्रोल-डीजल पर से वैट को कम किया जाए ताकि महंगाई की मार झेल रही जनता को कुछ राहत मिल सके।