इस बारें में प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की और से जानी सूचना के अनुसार, राजस्थान के अलावा उत्तर प्रदेश के 55, बिहार के 49, महाराष्ट्र के 44, पश्चिम बंगाल के 37, मध्य प्रदेश के 34, असम के 32, ओडिशा के 25, पंजाब के 22, गुजरात एवं तेलंगाना के 21-21, झारखंड के 20, आंध्र प्रदेश तथा तमिलनाडु के 18-18, हरियाणा के 15 व कर्नाटक के 13 स्टेशनों पर भी पुनर्विकास कार्य होंगे।
24,470 करोड़ रुपये होंगे खर्च, स्टेशन होंगे आधुनिक
इस योजना के अन्तर्गत इसमें शामिल सभी स्टेशनों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
स्टेशनों को नए तरीके से डिजाइन किया जाएगा जिसमें स्थानीय संस्कृति, विरासत और वास्तुकला की छाप देखने को मिलेगी।
जिसके लिए लगभग 24,470 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
- जयपुर रेल मंडल के 12 स्टेशनों को 1150 करोड़ की लागत
इसमें जयपुर जंक्शन, गांधीनगर, फुलेरा, रेवाड़ी, बांदीकुई, अलवर, नरेना, सीकर, रींगस, झुंझुनूं, आसलपुर जोबनेर का पुनर्विकास।
- जोधपुर मंडल के 15 स्टेशनों पर 860 करोड़ की लागत
इसमें जोधपुर, जैसलमेर, सुजानगढ़, बालोतरा, गोटन, डीडवाना, रामदेवरा, डेगाना, नागौर, फलोदी, रेन, मेड़ता रोड, बाड़मेर, नोखा और देशनोक स्टेशनों को शामिल किया गया है।
- बीकानेर मंडल के 10 स्टेशनों को 200 करोड़ की लागत
इसमें श्रीगंगानगर, सूरतगढ़, चूरू, हनुमानगढ़, लालगढ़, सादुलपुर, रतनगढ़ और भिवानी स्टेशनों का होगा कायाकल्प।
- अजमेर मंडल के 10 स्टेशनों पर 180 करोड़ की लागत
इसमें सोजत रोड, मावली, राणा प्रताप नगर, पिंडवाडा, डूंगरपुर, फालना, मारवाड़ जंक्शन, कपासन, भीलवाड़ा और बिजयनगर विकसित होंगे।