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रेलवे ग्रुप-डी परीक्षा फर्जीवाड़ा: डमी अभ्यर्थी व सहयोगी गिरफ्तार

प्रदीप बीदावत प्रदीप बीदावत 32

जयपुर (Jaipur) के सीतापुरा (Sitapura) स्थित एक परीक्षा केंद्र पर रेलवे ग्रुप-डी (Railway Group-D) परीक्षा में बायोमैट्रिक जांच के दौरान डमी अभ्यर्थी (dummy candidate) पकड़े जाने से बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डमी छात्र और उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है।

HIGHLIGHTS

  1. 1 सीतापुरा परीक्षा केंद्र पर बायोमैट्रिक जांच में फर्जीवाड़ा उजागर। डमी अभ्यर्थी ऋषभ रंजन और मास्टरमाइंड गौतम गिरफ्तार। गौतम बिहार और यूपी में 10 परीक्षाओं में डमी अभ्यर्थी बना। आरोपियों से 31,250 रुपये नकद बरामद।
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रेलवे ग्रुप-डी परीक्षा: डमी अभ्यर्थी गिरोह का पर्दाफाश

जयपुर: जयपुर (Jaipur) के सीतापुरा (Sitapura) स्थित एक परीक्षा केंद्र पर रेलवे ग्रुप-डी (Railway Group-D) परीक्षा में बायोमैट्रिक जांच के दौरान डमी अभ्यर्थी (dummy candidate) पकड़े जाने से बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डमी छात्र और उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है।

रेलवे ग्रुप-डी परीक्षा में फर्जीवाड़ा उजागर

डीसीपी साउथ राजर्षि राज (IPS) ने इस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि यह घटना 10 दिसंबर को घटित हुई, जब आरोपी ऋषभ रंजन उर्फ रिषभ रंजन मूल अभ्यर्थी अभिषेक मीना के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचा था।

परीक्षा केंद्र में प्रवेश के दौरान, अभ्यर्थियों का आधार कार्ड और पैन कार्ड के साथ बायोमैट्रिक सत्यापन किया जा रहा था। इसी प्रक्रिया में ऋषभ रंजन का चेहरा मूल अभ्यर्थी अभिषेक मीना के चेहरे से मेल नहीं खाया, जिसके बाद उसे तुरंत मौके पर ही पकड़ लिया गया।

इस गंभीर फर्जीवाड़े के संबंध में थाना सांगानेर सदर में भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डमी छात्र और उसके सहयोगी को तत्काल गिरफ्तार कर लिया।

मास्टरमाइंड गौतम की आपराधिक पृष्ठभूमि

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इस बड़े फर्जीवाड़े का मुख्य सूत्रधार और मास्टरमाइंड गौतम कुमार उर्फ गोटी है। गौतम का मुख्य काम डमी अभ्यर्थियों को तैयार कर उन्हें विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में बिठाना है।

चौंकाने वाली बात यह है कि गौतम कुमार बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में लगभग 10 से अधिक परीक्षाओं में खुद भी डमी अभ्यर्थी के रूप में शामिल रह चुका है। उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि काफी लंबी है और वह पूर्व में भी जयपुर के कानोता क्षेत्र में इसी तरह के परीक्षा फर्जीवाड़े के मामले में पकड़ा जा चुका है।

पुलिस ने इस कार्रवाई के तहत दोनों मुख्य आरोपियों को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से 31,250 रुपये नकद राशि भी बरामद की गई है, जो इस परीक्षा को दिलाने के लिए तय की गई मोटी रकम का हिस्सा थी।

आगे की कानूनी कार्रवाई और पूछताछ

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में ऋषभ रंजन उर्फ रिषभ रंजन (27) शामिल है, जो बिहार के मुंगेर जिले का निवासी है। उसे न्यायालय के आदेश पर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।

वहीं, मुख्य सरगना गौतम कुमार उर्फ गोटी (28) पटना, बिहार का रहने वाला है। उससे पुलिस हिरासत में अन्य परीक्षाओं में उसकी संलिप्तता और इस गिरोह के अन्य सहयोगियों के संबंध में गहनता से पूछताछ जारी है।

पुलिस इस पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ करने और इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों को पकड़ने का प्रयास कर रही है। यह कार्रवाई प्रतियोगी परीक्षाओं की पवित्रता और पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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