जयपुर | राजस्थान में कड़ाके की सर्दी और शीतलहर का कहर लगातार जारी है। प्रदेश के कई हिस्सों में बर्फीली हवाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। पिछले तीन दिनों से हिल स्टेशन माउंट आबू में न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस पर टिका हुआ है। इसके साथ ही जयपुर, सीकर और पिलानी जैसे शहरों में इस सीजन की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई है। उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं के कारण न केवल रात के तापमान में गिरावट आई है बल्कि दिन में भी लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश के सात प्रमुख शहरों में रात का न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे चला गया है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार रविवार का दिन और रात इस सीजन के अब तक के सबसे ठंडे समय के रूप में दर्ज किए गए। जयपुर संभाग के जिलों में अगले चार दिनों तक कोल्ड वेव यानी शीतलहर का असर रहने की संभावना जताई गई है।
माउंट आबू और शेखावाटी में जमाव बिंदु
राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू इन दिनों पूरी तरह से बर्फानी आगोश में है। यहां लगातार तीसरे दिन पारा शून्य डिग्री पर रहने से सुबह के समय घास और गाड़ियों के शीशों पर ओस की बूंदें जमी हुई देखी गईं। शेखावाटी क्षेत्र के सीकर, फतेहपुर और झुंझुनूं में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। फतेहपुर में न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु तक पहुंचने से खेतों में खड़ी फसलों पर पाला पड़ने की आशंका बढ़ गई है। जयपुर शहर में भी रविवार की रात सीजन की सबसे सर्द रात रही। यहां बर्फीली हवाओं के कारण ठिठुरन काफी बढ़ गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि हिमालयी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी का सीधा असर राजस्थान के मैदानी इलाकों पर पड़ रहा है। अगले एक सप्ताह तक प्रदेश में कड़ाके की सर्दी से राहत मिलने की उम्मीद कम ही नजर आ रही है।