राजस्थान फुटबॉल संघ के सचिव दिलीप सिंह शेखावत ने बताया कि राजस्थान की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। मैच के 9वें मिनट में जर्सी नंबर 6 – साक्षी ने पहला गोल दागकर राजस्थान को शुरुआती बढ़त दिलाई। हालांकि, मध्यांतर से ठीक पहले 45वें मिनट में अरुणाचल प्रदेश की ओर से एक गोल हुआ, जिससे स्कोर 1-1 की बराबरी पर आ गया।
दूसरा हाफ: गोलों की बौछार और मंजू का जलवा
दूसरे हाफ में राजस्थान की खिलाड़ियों ने और भी अधिक ऊर्जा और तालमेल के साथ प्रदर्शन किया। 64वें मिनट में जर्सी नंबर 17 – भानु प्रिया ने शानदार गोल किया और टीम को फिर से 2-1 की बढ़त दिलाई। इसके बाद, 72वें मिनट में भानु प्रिया ने अपना दूसरा और टीम का तीसरा गोल दर्ज कर स्कोर को 3-1 कर दिया। मैच के अंतिम क्षणों में, 77वें मिनट में जर्सी नंबर 11 – मंजू ने एक और बेहतरीन गोल दागा, जिससे राजस्थान ने मुकाबला 4-1 से अपने नाम कर लिया। मंजू को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। राजस्थान की रक्षा पंक्ति ने भी पूरे मैच में बेहतरीन तालमेल दिखाया।
यह है टीम
कविता, प्रतिज्ञा, धनु कंवर, दिव्यांशी, नम्रता, साक्षी, ज्योति, निशु, मंजू, दीपिका, साक्षी भार्गव, साक्षी मेनारिया, आफरीन, लकी, माधुरी, जोहा खान, निधि, तनीषा, किरण कंवर और भानु प्रिया.
UGPF का अमूल्य सहयोग
इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए टीम को आवश्यक किट, सामग्री और लगभग सवा चार लाख रुपए का आर्थिक सहयोग यूनाइटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन (UGPF) द्वारा उपलब्ध कराया गया था। फाउंडेशन के निदेशक ब्रिगेडियर जितेन्द्रसिंह शेखावत और सलाहकार के.के. बोहरा ने टीम को रवाना करते समय जीत की शुभकामनाएँ दी थीं। उन्होंने कहा था कि "यह सिर्फ एक टीम की यात्रा नहीं, बल्कि राजस्थान की खेल क्रांति का एक मजबूत कदम है।"
टीम की इस शानदार जीत के साथ UGPF का सहयोग एक बार फिर इस बात को साबित करता है कि यदि सही मार्गदर्शन और पर्याप्त संसाधन मिलें, तो राजस्थान की बेटियाँ राष्ट्रीय स्तर पर चमकने की क्षमता रखती हैं। राजस्थान की यह दमदार जीत प्रतियोगिता में आगे बढ़ने के लिए टीम के आत्मविश्वास को बेहद मजबूत करती है और भविष्य के मैचों के लिए एक सकारात्मक संकेत देती है।