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आरबीआई ने कहा- नोट बदलने के लिए आधार-पैन की जरूरत...

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SBI ने रविवार को एक गाइडलाइन जारी करते हुए लोगों को बड़ी जानकारी से अवगत कराया है। बता दें कि आरबीआई ने 19 मई को 2000 का नोट वापस लेने का ऐलान करते हुए इन्हें वापस बैंक में जमा कराने के लिए कहा था। 

HIGHLIGHTS

  1. 1 SBI ने रविवार को एक गाइडलाइन जारी करते हुए लोगों को बड़ी जानकारी से अवगत कराया है। बता दें कि आरबीआई ने 19 मई को 2000 का नोट वापस लेने का ऐलान करते हुए इन्हें वापस बैंक में जमा कराने के लिए कहा था। 
rbi said  aadhaar pan and identity not required for exchange 2000 notes

नई दिल्ली | रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) द्वारा 2000 का नोट सितंबर में बंद करने की घोषणा के बाद से लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।

आखिर तिजोरी में रखे 2000 के नोटों को बैंक में कैसे जमा करवाया जाए। 

ऐसे में SBI ने रविवार को एक गाइडलाइन जारी करते हुए लोगों को बड़ी जानकारी से अवगत कराया है।

बता दें कि आरबीआई ने 19 मई को 2000 का नोट वापस लेने का ऐलान करते हुए इन्हें वापस बैंक में जमा कराने के लिए कहा था। 

इस घोषणा के बाद अब आम लोगों में 2000 के नोट को बैंक में जमा कराने को लेकर कई तरह के सवाल सामने आ रहे हैं। ऐसे में एसबीआई ने एक गाइडलाइन के जरिए इसे क्लियर कर दिया है। 

कैसे बदले जाएंगे 2000 नोट ?

 - आगामी 23 मई से लेकर 30 सितंबर 2023 तक नोट बदल सकते हैं। 

- इस अवधि के अंदर कोई भी किसी भी बैंक में जाकर 2000 रुपए के नोट जमा करा सकता है और उसके बदले में दूसरे नोटों के रूप में अपनी राशि ले सकता है।

- आरबीआई ने एक समय में 2000 रुपए के 10 नोटों यानि 20000 रुपए की सीमा तय की है।

- 2000 रुपए के नोट को अपने बैंक खातों में भी जमा कराया जा  सकता है।

- 23 मई से आरबीआई के 19 रिजनल कार्यालयों में 2000 रुपये के नोट बदले जा सकेंगे।

- 2000 का नोट बैंकों में जमा कराने के लिए किसी भी प्रकार का कोई फॉर्म या कोई स्लिप भरने की आवश्यकता नहीं होगी।

- इसी के साथ नोट जमा कराने के लिए किसी को भी अपना कोई भी पहचान पत्र नहीं देना होगा।

- केवाईसी नियमों का पालन करते हुए नोट आराम से बदल दिए जाएंगे।

विपक्ष बता रहा ’नोटबंदी’, सरकार का जवाब ’नोटबदली’

आरबीआई के इस फैसले के बाद से विपक्ष केन्द्र की मोदी सरकार पर लगातार प्रहार करते हुए इसे एक और ’नोटबंदी’ बता रहा है।

जिसके जवाब में सरकार ने इसे ’नोटबंदी’ नहीं ’नोटबदली’ बताया है। 

दावा है कि 2000 रुपए के नोट में जाली मुद्रा का चलन काफी बढ़ गया था। साथ ही इस नोट का इस्तेमाल काला धन छिपाने के लिए किया जा रहा था। इसलिए श्क्लीन नोट पॉलिसीश् के तहत 2000 रुपए के नोट को वापस लेने का फैसला लिया गया है। 

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