दिल्ली पुलिस ने इस मामले में UAPA (आतंकवादी गतिविधि रोकथाम अधिनियम) के तहत FIR दर्ज कर ली है।
जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपे जाने की तैयारी है।
जांच एजेंसियों को शक है कि पुलवामा का डॉक्टर उमर मोहम्मद ही वह व्यक्ति था, जिसने यह आत्मघाती हमला किया।
संदिग्ध हमलावर और हिरासत
इसी के चलते पुलिस ने संदिग्ध हमलावर डॉ. उमर मोहम्मद की मां और दो भाइयों को हिरासत में ले लिया है।
अधिकारियों ने उनकी पहचान पक्की करने के लिए DNA सैंपल लिए हैं।
यह सैंपल धमाके में बरामद हुए कुछ शव के हिस्सों से मिलाया जाएगा।
माना जा रहा है कि कार चला रहा उमर मोहम्मद ही धमाके का शिकार हुआ है।
सूत्रों का कहना है कि उमर मोहम्मद ने अपने साथियों डॉ. मुजम्मिल शकील और डॉ. आदिल राथर की गिरफ्तारी के डर से यह कदम उठाया।
फरीदाबाद से बड़ी मात्रा में विस्फोटक (अमोनियम नाइट्रेट) जब्त होने के डर से भी वह घबरा गया था।
गृह मंत्री की उच्च-स्तरीय बैठक
इस गंभीर आतंकी साजिश के खुलासे के बाद, देश की आंतरिक सुरक्षा की स्थिति पर चर्चा के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज सुबह 11 बजे से एक उच्च-स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक कर रहे हैं।
बैठक में गृह सचिव, आईबी निदेशक, एनआईए प्रमुख और दिल्ली पुलिस कमिश्नर जैसे शीर्ष अधिकारी शामिल हैं।
जम्मू-कश्मीर के डीजीपी भी वर्चुअली जुड़े हैं, क्योंकि इस साज़िश के तार श्रीनगर से शुरू हुए थे।
लाल किला तीन दिन के लिए बंद
सुरक्षा कारणों और जांच की जरूरतों को देखते हुए, प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है।
ऐतिहासिक लाल किला 11 नवंबर से 13 नवंबर तक, यानी तीन दिन के लिए आम जनता के लिए बंद रहेगा।
लाल किला मेट्रो स्टेशन भी सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया है।
कश्मीर से दिल्ली तक आतंक का जाल
फरीदाबाद पुलिस कमिश्नर सतेंद्र गुप्ता ने सोमवार सुबह प्रेस ब्रीफिंग में बताया था कि यह साजिश कश्मीर से शुरू हुई थी।
तीन हफ्ते पहले श्रीनगर में जैश-ए-मोहम्मद के समर्थन में पोस्टर लगे थे।
जांच में पता चला कि इस 'व्हाइट कॉलर' टेरर मॉड्यूल में डॉक्टर जैसे पढ़े-लिखे पेशेवर शामिल थे।
ये लोग चैरिटी के नाम पर फंड जुटाते थे और एन्क्रिप्टेड (गुप्त) चैनलों का उपयोग करते थे।
सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे केस को एनआईए को सौंपने की तैयारी कर रही हैं, ताकि इस अंतर्राष्ट्रीय साजिश की हर परत को खोला जा सके।