बीते 26 दिसंबर को युवती ने दिलीप पुरोहित को सांचौर स्थित पीर की जाल के पास एक होटल में मिलने के लिए बुलाया। जैसे ही दिलीप वहां पहुंचे पहले से घात लगाए बैठे पांच अन्य बदमाशों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। होटल के पास से ही आरोपियों ने बिजनेसमैन को जबरन अपनी गाड़ी में डाल लिया और वहां से फरार हो गए। अपहरणकर्ता उसे झाब थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले उसके अपने ही गांव तातड़ की सरहद की ओर ले गए। इस दौरान बदमाशों ने पीड़ित के साथ मारपीट भी की और उसे डराया धमकाया ताकि वह उनके कहे अनुसार फिरौती की रकम देने को तैयार हो जाए।
फिरौती की मांग और परिजनों की सूझबूझ
अपहरण के बाद आरोपियों ने दिलीप के परिजनों को फोन किया और उन्हें छोड़ने के बदले डेढ़ करोड़ रुपए की मांग रखी। जब दिलीप ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई तो आरोपी मोलभाव करते हुए ढाई लाख रुपए लेने पर राजी हो गए। इस बीच पीड़ित के परिजनों ने बेहद सूझबूझ का परिचय दिया। उन्होंने एक तरफ अपहरणकर्ताओं को फोन पर बातचीत में उलझाए रखा ताकि पुलिस को उनकी लोकेशन ट्रेस करने का समय मिल सके और दूसरी तरफ तुरंत सांचौर थाना अधिकारी को घटना की पूरी जानकारी दी। परिजनों की इस सतर्कता ने पुलिस की कार्रवाई को और अधिक प्रभावी बना दिया।
पुलिस का सफल रेस्क्यू ऑपरेशन
सूचना मिलते ही थाना अधिकारी नेमाराम के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपियों का पीछा करना शुरू किया। शुक्रवार रात करीब 11 बजे पुलिस की टीम ने तातड़ गांव की सरहद पर घेराबंदी की और बिजनेसमैन दिलीप पुरोहित को सुरक्षित छुड़ा लिया। पुलिस की भारी मौजूदगी देखकर कुछ आरोपी वहां से भागने में सफल रहे लेकिन पुलिस ने मौके से एक मुख्य आरोपी लादाराम देवासी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने पीड़ित को रेप केस में फंसाने की धमकी भी दी थी।
सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
पुलिस ने इस मामले में कुल सात लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की है। आरोपियों की सूची में लादाराम देवासी, सेंधाराम, तेज सिंह राजपूत, सुनील देवासी, कृष्ण देवासी, दिनेश भायल और एक अन्य युवक शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें दबिश दे रही हैं। सांचौर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की क्षेत्र में काफी सराहना हो रही है क्योंकि समय रहते कदम उठाने से एक बड़ी अनहोनी टल गई और बिजनेसमैन की जान बच गई। पुलिस अब इस हनीट्रैप गिरोह के पुराने रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।