साल 2024 निवेशकों के लिए बेहद मुनाफावसूली वाला रहा है। इस साल अब तक सोने की कीमत में 61,752 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। 31 दिसंबर 2024 को 24 कैरेट सोना 76,162 रुपये पर था, जो अब 1.37 लाख के पार है। वहीं, चांदी की बात करें तो इसमें 1,46,083 रुपये का भारी इजाफा हुआ है। पिछले साल के अंत में चांदी 86,017 रुपये प्रति किलो थी, जो अब 2.32 लाख रुपये के ऐतिहासिक स्तर पर है। यह उछाल मध्यम अवधि के निवेशकों के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
सोने के दाम बढ़ने के तीन मुख्य कारण
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की कीमतों में तेजी के पीछे तीन प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कारण हैं। पहला, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना से डॉलर कमजोर हुआ है, जिससे सोने की होल्डिंग कॉस्ट कम हो गई है। दूसरा, रूस-यूक्रेन युद्ध और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में जारी तनाव के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने को प्राथमिकता दे रहे हैं। तीसरा, चीन और अन्य देशों के केंद्रीय बैंक भारी मात्रा में सोने का रिजर्व बढ़ा रहे हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर मांग में आपूर्ति के मुकाबले काफी वृद्धि हुई है।
चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी की वजह
चांदी में आई अभूतपूर्व तेजी का सबसे बड़ा कारण इसकी बढ़ती औद्योगिक मांग है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेक्टर में चांदी का उपयोग अब अनिवार्य हो गया है। इसके अलावा, अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की संभावित टैरिफ नीतियों के डर से अमेरिकी कंपनियां भारी मात्रा में चांदी का स्टॉक जमा कर रही हैं। वैश्विक स्तर पर सप्लाई में कमी और विनिर्माण क्षेत्र से आ रही भारी मांग ने कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया है। आने वाले समय में भी यह मांग कम होने के आसार नहीं दिख रहे हैं।
भविष्य का अनुमान: क्या और बढ़ेंगे दाम?
केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया का मानना है कि चांदी की मांग में फिलहाल कोई कमी नहीं आने वाली है। उनके अनुसार, जिस तरह से इंडस्ट्रियल सेक्टर चांदी का स्टॉक कर रहा है, उसे देखते हुए इस साल के अंत तक चांदी 2.50 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर को छू सकती है। वहीं, सोने की बात करें तो इसकी मांग भी स्थिर बनी हुई है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि साल के अंत तक सोना 1.40 लाख रुपये और अगले साल के मध्य तक 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार जा सकता है।
खरीददारों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
कीमतों में भारी उछाल के बीच ग्राहकों को खरीदारी करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। हमेशा भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सोना ही खरीदें। हॉलमार्क से सोने की शुद्धता की आधिकारिक गारंटी मिलती है और भविष्य में इसे बेचने पर सही कीमत मिलती है। इसके अलावा, खरीदारी के दिन की कीमतों को IBJA जैसी आधिकारिक वेबसाइटों से क्रॉस-चेक जरूर करें। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के दाम अलग-अलग होते हैं, इसलिए बिल लेते समय इसकी शुद्धता की जांच अवश्य करें।
असली चांदी की पहचान कैसे करें?
बाजार में मिलावटी चांदी से बचने के लिए कुछ आसान घरेलू तरीके अपनाए जा सकते हैं। सबसे पहले चुंबक टेस्ट करें; असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती है। दूसरा, बर्फ का टुकड़ा चांदी पर रखें, अगर वह बहुत तेजी से पिघलता है तो चांदी असली है क्योंकि चांदी ऊष्मा की अच्छी सुचालक होती है। तीसरा, चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ने पर अगर उस पर काला निशान आता है, तो वह उसकी शुद्धता की निशानी है। इसके साथ ही असली चांदी में कॉपर जैसी कोई गंध नहीं होती है।