सिरोही | राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय सिरोही में लंबे समय से रिक्त चल रहे प्राचार्य पद पर आखिरकार नई नियुक्ति कर दी गई है। राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसायटी के निदेशक नरेश गोयल ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। यह नियुक्ति पूर्व विधायक संयम लोढ़ा के सक्रिय हस्तक्षेप और प्रयासों के बाद संभव हो पाई है।
पिछले दिनों भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने सिरोही मेडिकल कॉलेज के तत्कालीन प्राचार्य डॉ श्रवण मीणा को जयपुर में रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। इस घटना के बाद से ही मेडिकल कॉलेज में प्राचार्य का महत्वपूर्ण पद रिक्त पड़ा था। प्राचार्य नहीं होने के कारण कॉलेज के शैक्षणिक कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में भारी बाधाएं आ रही थीं जिससे छात्र परेशान थे।
संयम लोढ़ा की सक्रियता और राजमेस का निर्णय
मेडिकल कॉलेज में उत्पन्न हुई इन समस्याओं की जानकारी मिलने पर पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने मामले में तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने राजमेस के निदेशक नरेश गोयल से फोन पर विस्तार से चर्चा की और कॉलेज की प्रशासनिक बदहाली पर गहरी नाराजगी जताई। लोढ़ा ने छात्रों और शैक्षणिक स्टाफ के हितों को ध्यान में रखते हुए प्राचार्य पद पर शीघ्र नियुक्ति की मांग की थी।