आबूरोड/माउंट आबू।
माउंट आबू में देह व्यापार को लेकर पहले ही नेताओं के निशाने पर आया सिरोही जिले का पुलिस तंत्र गुरुवार की घटना के बाद वाकई पूरी तरह से फेल साबित हो रहा है। पुलिस की लापरवाही और आरामतलबी के चलते माउंट आबू–आबूरोड मार्ग पर दो दिन से हो रही लूट की लगातार वारदातों में गुरुवार को एक युवक की जान चली गई। माउंट आबू मार्ग पर गुरुवार दोपहर को जो हादसा हुआ, वह सीधे तौर पर पुलिस पर सवालिया निशान लगाता है। अगर सिरोही पुलिस की लापरवाही इसी तरह जारी रही तो इसका जिले और प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर दूरगामी परिणाम देखने को मिल सकते हैं। आबूरोड–माउंट आबू मार्ग पर लूट के इरादे से हुए जानलेवा हमले में युवक की मौत सिरोही जिले की बदहाल पुलिसिंग का सबसे बड़ा उदाहरण बन गई है। खास बात यह है कि 17 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर लगातार दूसरे दिन लूट की घटनाएं हुई हैं, जबकि इस सिंगल एंट्री रूट को दो पुलिस थाने संभालते हैं।
लूट के दौरान चाकू से हमला, युवक की मौत
जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब एक बजे गुजरात के धानेरा क्षेत्र के दो युवक – हितेश चौधरी और नरेश – मोटरसाइकिल पर सवार होकर माउंट आबू जा रहे थे। जब वे आबू तलहटी से ऊपर चढ़े और बाघ नाला के पास पहुंचे, तो झाड़ियों में छिपे तीन–चार युवकों ने उन पर लूट के इरादे से हमला कर दिया। हमले के दौरान बदमाशों ने हितेश के सीने में चाकू घोंप दिया और उनका मोबाइल छीनकर फरार हो गए।
इस दौरान वहां से गुजर रही एक निजी गाड़ी ने घायलों को करीब डेढ़ बजे आबूरोड उप जिला चिकित्सालय पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने तुरंत उपचार शुरू किया। लेकिन गहरे घाव और अत्यधिक रक्तस्राव के चलते हितेश को बचाया नहीं जा सका और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
लगातार दो दिन, एक ही जगह पर दो वारदातें
तलहटी से माउंट आबू तक का मार्ग दो थाना क्षेत्रों – माउंट आबू थाना और आबूरोड सदर थाना – में आता है। इसमें भी शनि मंदिर से सात घूम तक का करीब 10 किलोमीटर का सेक्शन बेहद संवेदनशील माना जाता है। बुधवार की दोपहर को भी इसी क्षेत्र में एक युवक से मारपीट कर उसका मोबाइल लूट लिया गया था। इसके बावजूद न तो आबूरोड सदर थाना और न ही माउंट आबू पुलिस ने इस रूट को सुरक्षित करने की कोई प्रभावी कोशिश की। नतीजा यह हुआ कि ठीक अगले दिन, गुरुवार को उसी स्थान पर एक और वारदात हो गई, और इस बार एक युवक को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।
