अब हालात बदल चुके हैं और वह 10 नवंबर को व्हाइट हाउस में मेहमान बनकर पहुंचेंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप, शरा की मेजबानी करेंगे और यह जोलानी और ट्रंप की दूसरी मुलाकात होगी।
उनकी पहली मुलाकात सऊदी अरब की राजधानी रियाद में हुई थी, जहां ट्रंप ने अल-शरा को "युवा और मजबूत नेता" कहा था।
यह किसी भी सीरियाई राष्ट्रपति का व्हाइट हाउस में पहला दौरा होगा, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक घटना है।
अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंधों से मुक्ति और नए गठबंधन
अल शरा सीरिया को अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से मुक्त करने के लिए भरसक प्रयास कर रहे हैं।
इसके लिए उन्होंने अपने भूतकाल से पीछा छुड़ाने की भी कोशिश की है।
विदेशी मीडिया को दिए एक बयान में अमेरिकी दूत टॉम बैरक ने कहा कि सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ISIS के खिलाफ अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन में शामिल होने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं।
बैरक ने इस कदम को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि सीरिया अब नई शुरुआत की ओर बढ़ रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस मुलाकात के बाद इजरायल-सीरिया के बीच अमेरिकी मध्यस्थता में पांचवें दौर की वार्ता हो सकती है।
ट्रंप लगातार मध्य एशिया में शांति और स्थिरता लाने की कोशिश कर रहे हैं।
कौन हैं अहमद अल शरा?
अहमद अल शरा का जन्म सऊदी अरब के रियाद में एक सीरियाई सुन्नी परिवार में हुआ था।
उनका परिवार साल 1989 में सीरिया के गोलान हाइट्स के पास लौटा, जिस पर अब इजरायल का कब्जा है।
2003 के अमेरिकी इराक आक्रमण के बाद अल-शरा ने अल-कायदा में शामिल होकर अमेरिकी सेना के खिलाफ लड़ाई लड़ी।
वह साल 2006 में गिरफ्तार हो गए और 2011 तक जेल में कैद रहे।
कैद से निकलने के बाद वह सीरिया में असद रिजीम के खिलाफ विद्रोही गुट में शामिल हो गए।
फिर 2012 में उन्होंने अल-नुसरा फ्रंट की स्थापना की और 2016 में अल-कायदा से अलग होकर हयात तहरीर अल-शाम (HTS) बनाया।
दिसंबर 2024 में असद रिजीम के गिरने के बाद वह सीरिया के सुप्रीम नेता बने और फिर राष्ट्रपति बने।
इस दौरान अमेरिका ने उनके सिर पर 10 मिलियन डॉलर का इनाम घोषित किया हुआ था।
जुलाई 2025 में अमेरिका ने एचटीएस को आतंकी सूची से हटा लिया, जिससे सीरिया पर लगे प्रतिबंधों में ढील मिली।
अल्पसंख्यकों को सुरक्षा का वादा और चुनौतियां
अहमद अल शरा ने सीरिया की कमान संभालने के बाद देश के अल्पसंख्यकों (अलावाइट, ईसाई, द्रूज) को सुरक्षा का भरोसा दिलाया है।
हालांकि, शरा के सत्ता में आते ही अलावाइट समुदाय के नरसंहार की तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए थे।
दरअसल, सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति असद और उनका परिवार अलावाइट समुदाय से ताल्लुक रखता था।
असद का परिवार बीते 50 सालों से सीरिया पर शासन कर रहा था, इसलिए सत्ता परिवर्तन के बाद अलावाइट समुदाय के लोग निशाने पर आ गए।
अलावाइट इस्लाम के शिया पंथ से खुद को जोड़ता है।
क्या सीरिया को मिलेगी नई सुबह?
सितंबर 2025 में संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में अल-शरा का 9 मिनट का भाषण 60 वर्षों में किसी सीरियाई राष्ट्रपति का पहला था।
उन्होंने अपने भाषण में कहा कि सीरिया की कहानी अच्छाई और बुराई के बीच संघर्ष की है।
उन्होंने यह भी कहा कि हमने दशकों तक अन्याय सहा, लेकिन अब गरिमा की रक्षा के लिए आगे आए हैं।
उन्होंने असद शासन को "उत्पीड़न" बताया, जिसमें 10 लाख मौतें हुईं, और नए संस्थानों, चुनाव योजनाओं तथा निवेश का जिक्र किया।
अल शरा ने संयुक्त राष्ट्र से सीरिया पर लगे प्रतिबंध को खत्म करने की मांग की थी।
विश्लेषकों का मानना है कि यह दौरा अल-शरा की वैश्विक छवि को मजबूत करेगा, लेकिन उनके लिए चुनौतियां अभी भी बरकरार हैं।