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क्रिकेट

आज ही के दिन वीरेंद्र सहवाग ने छुड़ाए थे साउथ अफ्रीका के छक्के, आज तक कोई नहीं तोड़ पाया रिकॉर्ड

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क्रिकेट में टेस्ट फॉर्मेट को सबसे बॉरिंग कहा जाता था, लेकिन जब से वीरेंद्र सहवाग ने टेस्ट में पर्दापण किया, टेस्ट का भी टेस्ट बदल गया और चौक्के-छक्कों की बारिश शुरू होने लगी। जिससे टेस्ट में भी रिजल्ट हार जीत में आने लगे।

HIGHLIGHTS

  1. 1 क्रिकेट में टेस्ट फॉर्मेट को सबसे बॉरिंग कहा जाता था, लेकिन जब से वीरेंद्र सहवाग ने टेस्ट में पर्दापण किया, टेस्ट का भी टेस्ट बदल गया और चौक्के-छक्कों की बारिश शुरू होने लगी। जिससे टेस्ट में भी रिजल्ट हार जीत में आने लगे।
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Virender Sehwag

दिल्ली | अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से पूरी दुनिया में तहलका मचाने वाले भारत के वीरेंद्र सहवाग भले ही क्रिकेट से संन्यासी हो गए हो, लेकिन उनके नाम दर्ज एक खास रिकॉर्ड आज भी कोई नहीं तोड़ पाया है।

आज के दौर में खिलाड़ियों द्वारा खेली जा रही विस्फोटक पारियां भी मुल्तान के सुल्तान वीरेंद्र सहवाग के रिकॉर्ड के करीब तक नहीं  पहुंच पाई हैं।

आज यानि 28 मार्च वहीं दिन है जब भारत के विस्फोटक ओपनर और मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को अपना गुरू मानने वाले वीरेंद्र सहवाग ने टेस्ट क्रिकेट में नया किर्तिमान रचा था और टेस्ट को एक नई दिशा की ओर अग्रसर किया था।

पूर्व भारतीय बल्लेबाज़ वीरेंद्र सहवाग वनडे क्रिकेट में ही नहीं बल्कि टेस्ट में भी वनडे की तरह ही ताबतोड़ बल्लेबाज़ी के लिए जाने जाते हैं। 

सहवाग ने तीनों ही फॉर्मेट में अपनी विस्फोटक पारी को जारी रखा। 

क्रिकेट में टेस्ट फॉर्मेट को सबसे बॉरिंग कहा जाता था। पांच दिन खेलने के बावजूद भी अधिकतर टेस्ट मैचों का परिणाम नहीं निकल पाता था और टेस्ट ड्रॉ हो जाते थे।  

लेकिन जब से वीरेंद्र सहवाग ने टेस्ट में पर्दापण किया, टेस्ट का भी टेस्ट बदल गया और चौक्के-छक्कों की बारिश शुरू होने लगी। जिससे टेस्ट में भी रिजल्ट हार जीत में आने लगे।

28 मार्च 2008 को सहवाग ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट मैच में इतिहास रचते हुए टेस्ट क्रिकेट का सबसे तेज़ तिहरा शतक जड़ा था।

टेस्ट में जहां खिलाड़ी रन कम गेंदे ज्यादा की रणनीति अपनाते थे वहीं सहवाग ने केवल 278 गेंदों में अपना तिहरा शतक ठोक डाला था।

इसका परिणाम है कि आजतक टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज़ तिहरा शतक लगाने रिकॉर्ड सहवाग के नाम पर ही दर्ज है।

42 चौके और 5 छक्के जड़े थे

सहवाग ने उस समय की सबसे खतरनाक टीमों में से एक साउथ अफ्रीका के खिलाफ ये रिकॉर्ड कायम किया था।

अपनी इस मैराथन पारी में उन्होंने मात्र 304 गेंदों में 319 रनों की विशाल पारी खेली थी जिसमें 42 चौके और 5 छक्के जड़े थे।

वीरेंद्र सहवाग ने ये उपलब्धि चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में हासिल की थी। बता दें कि टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में अब तक सिर्फ 4 बल्लेबाजों ने दो बार तिहरा शतक लगाया है।

बेहद खास हैं अंतर्राष्ट्रीय करियर 

वीरेंद्र सहवाग का अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट करियर बेहद खास रहा है। उन्होंने कुल 104 टेस्ट मैच खेले हैं। जिसमें 49.34 की औसत से 8586 रन बनाए हैं।

इसमें उनका बैटिंग एवरेज 49.34 रहा है और 23 शतक और 32 अर्द्धशतक उनके नाम दर्ज हैं।

इसके अलावा सहवाग ने 251 वनडे में 35.06 की औसत से 8273 रन बनाए और जिसमें 15 शतक और 38 हॉफ सेंच्युरी शामिल है।

इसी के साथ उन्होंने 19 टी20 इंटरनेशनल मैच 394 रन बनाए हैं।

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