मुंबई | महाराष्ट्र में एक स्थानीय मुद्दे ने अब बड़ा राजनीतिक और धार्मिक रूप ले लिया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे द्वारा जैन मुनि की दाढ़ी पर की गई टिप्पणी के बाद विवाद गहरा गया है। जैन मुनि नीलेशचंद्र ने इस पर तीखा पलटवार करते हुए ठाकरे को खुली चुनौती दे डाली है।
Politics: राज ठाकरे के दाढ़ी वाले तंज पर जैन मुनि का पलटवार, दी चुनौती
मुंबई में 'सफेद पट्टी' विवाद गरमाया। जैन मुनि नीलेशचंद्र ने ठाकरे को मुस्लिम इलाकों में जाने की चुनौती दी।
HIGHLIGHTS
- राज ठाकरे ने जैन मुनि नीलेशचंद्र की दाढ़ी पर व्यक्तिगत टिप्पणी की थी।
- जैन मुनि ने पलटवार करते हुए ठाकरे को मुंब्रा, भिवंडी जाने की चुनौती दी।
- यह पूरा विवाद मुंबई में जैन मुनियों के लिए बनी 'सफेद पट्टी' से शुरू हुआ था।
- मुनि ने कहा कि अगर राजनीति धर्म के खिलाफ जाएगी तो वह चुप नहीं बैठेंगे।
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कैसे शुरू हुआ यह विवाद?
यह पूरा मामला मुंबई की सड़कों पर जैन मुनियों के चलने के लिए बनाई गई ‘सफेद पट्टी’ और दादर के कबूतरखाने से जुड़ा है। इन मुद्दों को लेकर मनसे पहले भी अपनी राय रखती आई है।
हाल ही में मनसे पदाधिकारियों की एक बैठक में राज ठाकरे ने जैन मुनि नीलेशचंद्र पर निशाना साधा। उन्होंने मुनि के आचरण और उनकी दाढ़ी को लेकर व्यक्तिगत और व्यंग्यात्मक टिप्पणी की थी।
'मराठी समाज जवाब देगा'
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राज ठाकरे ने चेतावनी भरे लहजे में कहा था कि मराठी समाज किसी विवाद की शुरुआत नहीं करता है। लेकिन अगर कोई विवाद खड़ा करेगा तो मराठी लोग सड़क पर उतरकर उसका जवाब देंगे।
जैन मुनि का तीखा पलटवार
राज ठाकरे के बयान के बाद जैन मुनि नीलेशचंद्र ने भी आक्रामक रुख अपना लिया है। उन्होंने ठाकरे की हर टिप्पणी का बिंदुवार जवाब दिया और उन्हें एक बड़ी चुनौती भी दे डाली।
'दाढ़ी शेर को शोभा देती है'
अपनी दाढ़ी पर हुई टिप्पणी का जवाब देते हुए जैन मुनि ने कहा,
"दाढ़ी सिर्फ शेर को शोभा देती है और मुझे गर्व है कि मेरा जन्म मराठी परिवार में हुआ है। मैं सनातनी हूं और सनातन धर्म के लिए संघर्ष करता रहूंगा।"
उन्होंने यह भी कहा कि अगर धर्म और समाज की रक्षा के लिए उन्हें बलिदान भी देना पड़ा तो वह पीछे नहीं हटेंगे।
मुंब्रा और भिवंडी जाने की चुनौती
जैन मुनि ने राज ठाकरे पर पलटवार करते हुए कहा, "यह विवाद सिर्फ वोट-बैंक की राजनीति के लिए है। पूरा महाराष्ट्र जानता है कि आपकी ताकत कितनी है।"
उन्होंने ठाकरे को चुनौती देते हुए कहा, "यदि आपकी कलाई में ताकत है तो मुंब्रा, कल्याण और भिवंडी के मुस्लिम बहुल इलाकों में जाकर दिखाओ।"
'राजनीति धर्म के खिलाफ तो चुप नहीं बैठूंगा'
राज ठाकरे ने मुनि को राजनीति से दूर रहने की सलाह दी थी। इस पर नीलेशचंद्र ने कहा कि जब राजनीति धर्म और समाज के खिलाफ काम करने लगेगी तो वह चुप नहीं बैठ सकते।
उन्होंने कहा कि नेता इस मुद्दे को अपने राजनीतिक फायदे के लिए उछाल रहे हैं और इसे जानबूझकर राजनीतिक रंग दिया गया है।
यह विवाद अब सिर्फ सफेद पट्टी या कबूतरखाने तक सीमित नहीं रहा है। यह महाराष्ट्र की राजनीति में एक नए टकराव का संकेत दे रहा है, जहां धार्मिक पहचान और राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं आमने-सामने हैं।
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