thinQ360
thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 📍 राज्य 📰 लाइफ स्टाइल 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 📰 मनचाही ▶️ YouTube
राजस्थान

राजस्थान में बसों के नए नियम: All India Tourist Permit: राजस्थान की 10 हजार बसों पर संकट, 1 अप्रैल से लागू होंगे परिवहन के नए नियम

मानवेन्द्र जैतावत

केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। 1 अप्रैल से लागू होने वाले इन नियमों से राजस्थान की करीब 10 हजार प्राइवेट बसों का संचालन प्रभावित होगा।

HIGHLIGHTS

  • 1 अप्रैल से ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट के लिए नए नियम लागू होंगे।
  • राजस्थान में दूसरे राज्यों के नंबर वाली बसों को अब यहीं पंजीकरण कराना होगा।
  • 45 दिन से पुराने चालान बकाया होने पर परमिट का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा।
  • बसों में जीपीएस ट्रैकिंग और यात्रियों की सूची रखना अनिवार्य कर दिया गया है।
rajasthan buses all india tourist permit new rules april 1

जयपुर | केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट (AITP) के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। इन नए नियमों का सीधा असर राजस्थान में चल रही करीब 10 हजार निजी बसों पर पड़ने वाला है।

1 अप्रैल से लागू होने वाली इस नई गाइडलाइन के तहत अब दूसरे राज्यों में पंजीकृत होकर राजस्थान में दौड़ रही बसों के लिए मुश्किलें बढ़ जाएंगी। अब इन वाहनों को उसी राज्य में पंजीकरण कराना होगा जहाँ इनका संचालन हो रहा है।

पंजीकरण और निवास के कड़े नियम

नए नियमों के अनुसार, अब टूरिस्ट परमिट केवल उसी राज्य से जारी किया जाएगा जहाँ वाहन पंजीकृत है। इसके साथ ही वाहन मालिक का व्यवसाय या निवास स्थान भी उसी राज्य में होना अनिवार्य कर दिया गया है।

यह कदम उन ऑपरेटर्स को रोकने के लिए उठाया गया है जो टैक्स बचाने के लिए दूसरे राज्यों से रजिस्ट्रेशन करवाते हैं। अब वाहन मालिकों को अपनी स्थानीय पहचान और व्यवसाय का प्रमाण देना होगा।

जीपीएस और यात्री सुरक्षा पर जोर

मंत्रालय ने सुरक्षा के लिहाज से अब सभी पर्यटक वाहनों की जीपीएस के माध्यम से ट्रैकिंग अनिवार्य कर दी है। इससे वाहनों की रियल-टाइम लोकेशन का पता लगाया जा सकेगा और सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता होगी।

इसके अतिरिक्त, बस ऑपरेटरों को अब यात्रियों की पूरी सूची और यात्रा के रूट का विवरण अपने साथ रखना होगा। नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माने और परमिट निरस्त करने जैसी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।

बीच रास्ते सवारी बैठाने पर पाबंदी

नई गाइडलाइन में स्पष्ट किया गया है कि टूरिस्ट परमिट वाली बसें बीच रास्ते से सवारियां नहीं बैठा सकेंगी। न ही वे अपनी मर्जी से बीच रास्ते में यात्रियों को उतार सकती हैं। यह नियम केवल पर्यटकों के लिए है।

यदि कोई ऑपरेटर इस नियम का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह नियम परिवहन व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और अवैध संचालन को रोकने के लिए बनाया गया है।

चालान और परमिट नवीनीकरण

परिवहन विभाग अब बकाया चालान को लेकर भी काफी सख्त हो गया है। यदि किसी वाहन पर 45 दिन से अधिक पुराना चालान लंबित है, तो उसका परमिट रिन्यू नहीं किया जाएगा। यह एक महत्वपूर्ण बदलाव है।

नया परमिट प्राप्त करने या पुराने के नवीनीकरण के लिए सभी पुराने चालानों का निपटारा करना जरूरी होगा। इसके बिना आवेदन प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जा सकेगा, जिससे राजस्व वसूली में भी तेजी आएगी।

आवश्यक दस्तावेज और प्रशिक्षण

परमिट के आवेदन के दौरान अब वाहन का बीमा, वैध पंजीकरण और प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) देना होगा। इसके बिना आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सभी दस्तावेज डिजिटल रूप में अपडेट होने चाहिए।

साथ ही, चालक का प्रशिक्षण और अनुभव प्रमाणपत्र भी अनिवार्य कर दिया गया है। यह सुनिश्चित करेगा कि पर्यटक वाहनों को केवल अनुभवी और प्रशिक्षित चालक ही चला रहे हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी।

किसे मिलेगी राहत?

राहत की बात यह है कि ये नियम केवल 1 अप्रैल के बाद जारी होने वाले नए परमिटों पर लागू होंगे। जिन वाहनों के पास पहले से वैध परमिट हैं, वे निर्धारित अवधि तक पुरानी शर्तों पर चलते रहेंगे।

हालांकि, जैसे ही उनके पुराने परमिट की अवधि समाप्त होगी, उन्हें नए नियमों के तहत ही नवीनीकरण कराना होगा। राजस्थान के बस ऑपरेटर्स को अब इन बड़े बदलावों के लिए खुद को तैयार करना होगा।

शेयर करें:

ताज़ा खबरें