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राजस्थान में अपराध पर जीरो टॉलरेंस: राजस्थान में अपराध पर लगाम: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पुलिस को दिए सख्त निर्देश, जीरो टॉलरेंस की नीति पर दिया जोर

जोगेन्द्र सिंह शेखावत

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पुलिस मुख्यालय में कानून व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अपराधों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने और साइबर क्राइम पर विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं।

HIGHLIGHTS

  • राजस्थान में कुल अपराधों में 18.77 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
  • मुख्यमंत्री ने साइबर क्राइम की प्रतिदिन उच्च स्तरीय मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं।
  • बलात्कार और पोक्सो मामलों में अनुसंधान का समय 107 दिन से घटकर 42 दिन रह गया है।
  • नए कानूनों के क्रियान्वयन में राजस्थान पूरे देश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।
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जयपुर | राजस्थान में सुरक्षित माहौल और कानून का राज स्थापित करना मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। हाल ही में उन्होंने पुलिस मुख्यालय में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया कि अपराधियों के लिए राज्य में अब कोई जगह नहीं है। उन्होंने 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर चलते हुए पुलिस को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस थानों में आने वाले हर फरियादी की समयबद्ध सुनवाई होनी चाहिए। एफआईआर दर्ज होने के बाद उसका त्वरित अनुसंधान बेहद जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। पीड़ित को न्याय दिलाना ही पुलिस का असली धर्म है। मुख्यमंत्री का मानना है कि अगर अपराध को शुरुआत में ही कुचल दिया जाए, तो वह बड़ा रूप नहीं लेता। इसलिए प्रिवेंटिव पुलिसिंग पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस के काम करने के तरीके में बड़े बदलाव लाने की बात कही। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का कार्य निर्धारण स्पष्ट होना चाहिए। स्थानीय स्तर पर जनसुनवाई को लेकर भी कड़े निर्देश दिए गए। अब हर जिले में अपराधों और लंबित प्रकरणों के निस्तारण की जिलेवार रिपोर्ट तैयार की जाएगी। पुलिस अधीक्षक (SP) को निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित रूप से थानों का निरीक्षण करें। वहीं, पुलिस महानिरीक्षक (IG) को एसपी ऑफिस की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखनी होगी।

अपराध के आंकड़ों में भारी गिरावट

बैठक में यह सुखद जानकारी सामने आई कि राजस्थान में अपराध का ग्राफ तेजी से नीचे गिरा है। पिछले दो वर्षों के आंकड़ों की तुलना में बड़ी राहत दिखी है। अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2023 से 2025 के बीच कुल अपराधों में 18.77 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। यह पुलिस की सक्रियता का ही परिणाम है। गंभीर अपराधों की बात करें तो हत्या के मामलों में 25.68 प्रतिशत की कमी आई है। डकैती जैसे जघन्य अपराधों में भी 47.26 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई। लूट के मामलों में तो आधे से ज्यादा यानी 50.75 प्रतिशत की कमी आई है। अपहरण की घटनाओं में भी 12.24 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है। नकबजनी और चोरी जैसे मामलों में 33.75 प्रतिशत की कमी आई है। महिलाओं के खिलाफ होने वाले अत्याचारों में भी 9.94 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं एससी-एसटी के विरुद्ध अपराधों में 28.29 प्रतिशत की कमी आई है।

साइबर क्राइम और नए कानूनों पर फोकस

बदलते दौर में साइबर अपराध एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री ने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रतिदिन उच्च स्तरीय मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि साइबर ठगी के पीड़ितों से पुलिस को सीधा संवाद करना चाहिए। इससे जनता में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ेगा और अपराधियों में डर पैदा होगा। भारतीय न्याय संहिता (BNS) के क्रियान्वयन में राजस्थान देश में तीसरे स्थान पर है। मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों को इन नए कानूनों के लिए विशेष प्रशिक्षण देने को कहा। एफआईआर, ई-एफआईआर और चार्जशीट के ई-रेकार्ड को नियमित रूप से अपडेट करना अब अनिवार्य होगा। इससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति आएगी।

पेपरलीक माफिया पर सर्जिकल स्ट्राइक

राजस्थान में पेपरलीक एक बड़ा मुद्दा रहा है, लेकिन वर्तमान सरकार ने इस पर प्रभावी लगाम लगाई है। मुख्यमंत्री ने एसआईटी (SIT) के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पेपरलीक और नकल माफिया के खिलाफ जो कार्रवाई हुई है, उसने मिसाल कायम की है। फर्जी डिग्री और डमी अभ्यर्थियों पर लगातार एक्शन लिया जा रहा है। यही कारण है कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक किसी भी भर्ती परीक्षा में पेपरलीक की कोई घटना सामने नहीं आई है। यह युवाओं के भविष्य के लिए बड़ी जीत है।

नशा मुक्त राजस्थान का संकल्प

मादक पदार्थों की तस्करी को जड़ से खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री ने विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। खासकर सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ाने को कहा गया है। गैंगस्टर्स और संगठित अपराधों के लोकल नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने की रणनीति तैयार की गई है। पुलिस अब इनके मददगारों पर भी कड़ी नजर रखेगी।

कम्यूनिटी पुलिसिंग और निवेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस का व्यवहार आमजन के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। कम्यूनिटी पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए जनता को साथ जोड़ना होगा। सीएलजी (CLG) सदस्यों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। महिलाओं की सुरक्षा और उनके सुझावों को पुलिसिंग में प्राथमिकता दी जाएगी। अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में निवेश के लिए सुरक्षित माहौल होना जरूरी है। जब कानून-व्यवस्था मजबूत होगी, तभी राजस्थान प्रगति के पथ पर आगे बढ़ेगा। इस बैठक में गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म और मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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