जयपुर | राजस्थान सरकार के सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक ने विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरे मनोयोग से काम करें।
सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक: राजस्थान सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक: मंत्री गौतम कुमार दक की सख्त चेतावनी, बोले- गड़बड़ी करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
जयपुर में आयोजित सहकारिता विभाग की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में मंत्री गौतम कुमार दक ने लक्ष्यों को समय पर पूरा करने और अनियमितताओं पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के निर्देश दिए। बैठक में एमएसपी खरीद, गोदाम निर्माण और ऋण वसूली जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
HIGHLIGHTS
- अनियमितताओं के मामलों में दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई और एफआईआर के निर्देश।
- विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के तहत 500 मीट्रिक टन क्षमता के गोदामों का गुणवत्तापूर्ण निर्माण।
- गेहूं की एमएसपी खरीद पर 150 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस और पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करना।
- राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से पशुपालकों की आय बढ़ाने पर विशेष जोर।
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लक्ष्यों की प्राप्ति पर विशेष जोर
मंत्री दक ने जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान स्पष्ट किया कि विभागीय योजनाओं में जो भी लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं, उन्हें हर हाल में अर्जित किया जाना चाहिए। उन्होंने उन जिलों पर विशेष ध्यान देने को कहा है जहां प्रगति अभी तक संतोषजनक नहीं है। मंत्री ने कहा कि पिछड़ रहे जिलों के लिए विशेष रणनीति बनाई जाए ताकि वे मुख्यधारा में आ सकें।
अनियमितताओं पर जीरो टॉलरेंस
सहकारिता मंत्री ने भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने साफ लहजे में चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिन समितियों में गड़बड़ी पाई गई है और वे रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं करा रही हैं, उनके खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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विश्व की सबसे बड़ी भंडारण योजना
बैठक में विश्व की वृहत् अन्न भण्डारण योजना पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इसके तहत राजस्थान में 500 मीट्रिक टन क्षमता के अत्याधुनिक गोदामों का निर्माण किया जा रहा है। मंत्री ने निर्देश दिए कि इन गोदामों का निर्माण पूरी तरह गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। साथ ही जिला स्तर पर इनके किराए और उपयोग के लिए स्पष्ट मापदंड निर्धारित किए जाने चाहिए।
किसानों के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर
खेती-किसानी को आधुनिक बनाने के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर्स की स्थापना में तेजी लाने को कहा गया है। मंत्री ने अधिकारियों से इन सेंटर्स के फायदों का आकलन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को इन केंद्रों से मिलने वाले उपकरणों का पूरा डेटा तैयार रहना चाहिए। इससे सहकारी समितियों और किसानों को होने वाले वास्तविक लाभ का पता चल सकेगा।
पैक्स कम्प्यूटराइजेशन और डिजिटल इंडिया
सहकारी समितियों (पैक्स) को डिजिटल बनाने की दिशा में काम तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने शेष रही सभी समितियों को जल्द से जल्द 'गो-लाइव' करने को कहा है। जो समितियां इस डिजिटल क्रांति में सहयोग नहीं कर रही हैं, उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रभारियों को नियमित रूप से फील्ड विजिट कर इसकी जांच करनी होगी।
ऋण वसूली और एकमुश्त समझौता योजना
सहकारी भूमि विकास बैंकों के बकाया ऋणों की वसूली के लिए मंत्री ने अधिकारियों को खुद मैदान में उतरने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि ऋणियों से मिलकर उन्हें समझाया जाए। राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही 'एकमुश्त समझौता योजना' का लाभ किसानों तक पहुंचाया जाए। इस योजना के तहत ब्याज और पेनल्टी में बड़ी छूट दी जा रही है, जो एक सुनहरा अवसर है।
फर्जी ऋण वितरण पर एफआईआर
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि जिन कार्मिकों ने फर्जी तरीके से ऋण वितरित किए हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही की जाए। ऐसे मामलों में तुरंत एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। सहकारिता मंत्री ने हर जिले में कम से कम 5 ऐसी समितियां विकसित करने का लक्ष्य दिया है, जो नवीन गतिविधियां शुरू कर पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल पेश कर सकें।
एमएसपी पर बोनस और पारदर्शिता
शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने गेहूं खरीद पर जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार 150 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस दे रही है। इससे किसानों को बहुत बड़ा आर्थिक लाभ होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। किसी भी किसान को खरीद केंद्र पर परेशानी नहीं होनी चाहिए।
गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना
पशुपालकों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने पर चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि पात्र किसानों को बिना शिकायत लाभ मिले। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऋण प्राप्त करने वाले किसानों से नियमित फीडबैक लिया जाए। बैंकों में डिपॉजिट बढ़ाने और अकृषि ऋण वितरण पर भी फोकस करने की जरूरत है।
पारदर्शिता के लिए रैंकिंग सिस्टम
डॉ. समित शर्मा ने सहकारी संस्थाओं में जवाबदेही तय करने के लिए रैंकिंग सिस्टम लागू करने की बात कही। अधिकारियों की प्रगति के आधार पर उनकी रैंकिंग तय की जाएगी। बैठक में राज सहकार पोर्टल और ई-फाइलिंग के पूर्ण उपयोग पर भी जोर दिया गया। जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का निपटारा अब निर्धारित समय सीमा के भीतर करना अनिवार्य होगा।
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