जयपुर | राजस्थान में व्यापार करना अब और भी आसान होने जा रहा है। राज्य सरकार ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत कम्पलायन्स रिडक्शन और डीरेगुलेशन के दूसरे चरण पर काम तेज कर दिया है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने इस संबंध में उच्च स्तरीय बैठक ली।
राजस्थान में बिजनेस होगा आसान: राजस्थान: बिजनेस की बाधाएं होंगी दूर, सीएस ने दिए निर्देश
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के दूसरे चरण की समीक्षा की, नियमों में होगी ढील।
HIGHLIGHTS
- राजस्थान में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के दूसरे चरण की समीक्षा बैठक आयोजित हुई।
- मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने के निर्देश दिए।
- अनावश्यक नियमों और लाइसेंस प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाया जाएगा।
- विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारी इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में शामिल रहे।
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प्रशासनिक प्रक्रियाओं का होगा सरलीकरण
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि उद्योगों और आमजन के लिए सेवाओं को सुगम बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अनावश्यक नियमों को हटाकर लाइसेंस निर्माण की जटिल प्रक्रियाओं को कम करें।
बैठक में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। इससे प्रक्रियाओं में लगने वाला समय कम होगा और पारदर्शिता बढ़ेगी। सरकार का लक्ष्य एक बेहतर बिजनेस इकोसिस्टम तैयार करना है।
राज्य सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक दक्ष, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाना है। इसके लिए विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सुधारात्मक कदम उठाने होंगे।
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लंबित प्रकरणों का होगा शीघ्र निस्तारण
मुख्य सचिव ने विभागवार लंबित मामलों की समीक्षा की और उन्हें जल्द से जल्द निपटाने के आदेश दिए। बैठक में एमएसएमई, शिक्षा और नगरीय विकास जैसे महत्वपूर्ण विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव भी मौजूद रहे।
अधिकारियों को हिदायत दी गई है कि वे तकनीकी बाधाओं को दूर करें। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। प्रशासन अब डिजिटल माध्यमों पर अधिक जोर दे रहा है।
इन बदलावों से राजस्थान में निवेश का माहौल बेहतर होगा और नए उद्यमियों को काम शुरू करने में कम परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। यह कदम प्रदेश की आर्थिक प्रगति में मील का पत्थर साबित होगा।
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