बीकानेर | बालिका सैनिक स्कूलों के संचालन के लिए अलग निदेशालय गठित करने के प्रस्ताव का विरोध शुरू हो गया है। रीवा के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप जोशी ने इस संबंध में मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को एक ज्ञापन भेजा है।
बालिका सैनिक स्कूल निदेशालय का विरोध: बालिका सैनिक स्कूलों के लिए अलग निदेशालय का विरोध, ज्ञापन
रीवा के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप जोशी ने बालिका सैनिक स्कूलों के लिए अलग निदेशालय के प्रस्ताव का विरोध किया है। उन्होंने इसे माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के अधीन रखने और 11 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति गठित करने की मांग की है।
HIGHLIGHTS
- बालिका सैनिक स्कूलों के लिए अलग निदेशालय बनाने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध।
- भर्ती और नियुक्तियों को माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर के अधीन रखने की मांग।
- सदस्यीय समिति को भंग कर 11 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति बनाने का सुझाव।
- प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए ऑनलाइन पोर्टल से सुझाव आमंत्रित करने की अपील।
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अलग निदेशालय के गठन का विरोध
ज्ञापन में बालिका सैनिक स्कूलों की भर्ती, नियुक्ति और पदस्थापन संबंधी कार्यों को माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर के अधीन ही रखने की पुरजोर मांग की गई है।
दोहरे नियंत्रण की आशंका
प्रदीप जोशी का तर्क है कि अलग निदेशालय के गठन से दोहरे नियंत्रण की स्थिति पैदा होगी। इससे माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की स्थिति कमजोर होने की संभावना है।
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इसके विकल्प के रूप में माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के अंतर्गत ही एक विशेष प्रकोष्ठ गठित करने का सुझाव दिया गया है।
विशेषज्ञ समिति के विस्तार की मांग
जोशी ने वर्तमान चार सदस्यीय समिति को अपर्याप्त बताते हुए इसे भंग करने की मांग की है। उन्होंने इसके स्थान पर 11 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति गठित करने का सुझाव दिया है।
- सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर और एनसीसी के वरिष्ठ अधिकारी।
- शिक्षाविद् और पूर्व सैनिक।
- माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारी।
ज्ञापन में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आमजन और शिक्षा कर्मियों से सुझाव आमंत्रित करने का भी आग्रह किया गया है।
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