जयपुर | लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने बुधवार को जयपुर में जयश्री पेरिवाल ग्लोबल स्कूल के नए कैंपस का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने राजस्थान को शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प दोहराया। बिरला ने कहा कि हमारा लक्ष्य राजस्थान को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ शिक्षा केंद्र बनाना है, ताकि विदेशी छात्र यहाँ पढ़ने आएं। उन्होंने विश्वास जताया कि दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास से यह सपना जल्द ही हकीकत में बदल जाएगा।
राजस्थान बनेगा शिक्षा का ग्लोबल हब: ओम बिरला बोले- दुनिया का बेस्ट एजुकेशन हब बने राजस्थान
जयपुर में जयश्री पेरिवाल ग्लोबल स्कूल के नए परिसर का उद्घाटन, बिरला और देवनानी ने दी बधाई।
HIGHLIGHTS
- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राजस्थान को विश्व का सर्वश्रेष्ठ शिक्षा केंद्र बनाने का आह्वान किया।
- विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने स्कूल के नए परिसर का उद्घाटन करते हुए इसे उज्ज्वल भविष्य का द्वार बताया।
- बिरला ने भारतीय लोकतंत्र को दुनिया का मार्गदर्शक और ताकत करार दिया।
- देवनानी ने प्राचीन नालंदा और तक्षशिला की तर्ज पर भारत को फिर से विश्व गुरु बनाने पर जोर दिया।
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लोकतंत्र और आधुनिक भारत का विजन
ओम बिरला ने भारतीय संविधान को दुनिया के अन्य लोकतंत्रों के लिए एक मार्गदर्शक बताया। उन्होंने कहा कि बदलता भारत आज अपनी ताकत दिखा रहा है और हर नागरिक को इसमें सहभागी बनना चाहिए। बिरला और देवनानी ने स्कूल के नवनिर्मित भवन में बनाए गए आधुनिक कक्षा-कक्षों का अवलोकन किया। उन्होंने स्कूल की सुविधाओं की प्रशंसा करते हुए छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। राजस्थान दुनिया का सर्वश्रेष्ठ शिक्षा का केंद्र बने। दुनिया भर के युवा यहाँ पढ़ने आएं, ऐसा हम सभी को मिलकर प्रयास करना होगा।
विरासत और विकसित भारत का संकल्प
वासुदेव देवनानी ने नालंदा और तक्षशिला का जिक्र करते हुए भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को याद किया। उन्होंने कहा कि आक्रमणों के बाद भी हमारी ज्ञान परंपरा जीवित रही क्योंकि ज्ञान अमर है। देवनानी ने छात्रों को अपनी जड़ों से जुड़े रहने और अर्जित ज्ञान को राष्ट्र निर्माण में लगाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि देश अब 'विकसित भारत' के संकल्प की ओर बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश सांस्कृतिक पुनर्जागरण की ओर है। छात्रों को विदेश में पढ़ने के साथ-साथ अपनी महान परंपराओं और उपलब्धियों के बारे में भी जानना चाहिए। यह नया परिसर न केवल आधुनिक सुविधाओं से लैस है, बल्कि यह राजस्थान के शैक्षिक परिदृश्य में एक नया अध्याय जोड़ने के लिए तैयार है। इससे राज्य के युवाओं को विश्व स्तरीय शिक्षा प्राप्त करने के नए अवसर मिलेंगे।
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