रेवदर | अभिनव ब्रजमंडल नंदगांव में राजस्थान गोसेवा समिति का वार्षिक अधिवेशन संतों के सान्निध्य एवं हजारों गोभक्तों की मौजूदगी में आयोजित हुआ। इस अवसर पर गोसेवा के लिए एकजुटता का आह्वान किया गया और जयपुर में एक बड़ी रैली की घोषणा की गई।
गोसेवा के लिए एकजुटता का आह्वान: जयपुर में होगी बड़ी रैली, शंकराचार्य ने किया आह्वान
रेवदर में आयोजित राजस्थान गोसेवा समिति के वार्षिक अधिवेशन में शंकराचार्य सदानंदजी सरस्वती ने गोभक्तों, गोसेवकों और गोशाला संचालकों से एकजुट होने का आह्वान किया।
HIGHLIGHTS
- शंकराचार्य सदानंदजी सरस्वती ने गोभक्तों, गोसेवकों और गोशाला संचालकों से एकजुट होने का आह्वान किया।
- गोशालाओं की समस्याओं को लेकर जयपुर में एक बड़ी रैली करने की घोषणा की गई।
- अधिवेशन में सैकड़ों संतों और हजारों गोभक्तों ने भाग लिया।
- समिति ने शासन-प्रशासन के समक्ष नौ सूत्रीय मांगपत्र प्रस्तुत किया।
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शंकराचार्य का एकता का संदेश
अधिवेशन को संबोधित करते हुए जगद्गुरु शंकराचार्य शारदा पीठाधीश्वर पूज्य श्री सदानंदजी सरस्वती ने कहा कि गोभक्तों, गोसेवकों और गोशाला संचालकों का संगठन मजबूत होना चाहिए।
उन्होंने गोभक्तों एवं हिंदू समाज में एकता पर जोर देते हुए कहा, "जिस दिन सभी एकजुट हो जाएंगे, उस दिन असफलता शब्द ही गोभक्तों के शब्दकोश से हट जाएगा।"
शंकराचार्य ने यह भी कहा कि गोमाता की उपेक्षा करने वालों के विरुद्ध शासन-प्रशासन को उनके कर्तव्यों की याद दिलाना जरूरी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि राजस्थान गोसेवा समिति को जहां भी आवश्यकता होगी, वह स्वयं पहुंचकर सहयोग करेंगे।
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जयपुर में बड़ी रैली का आह्वान
प्रधान संरक्षक महंत दिनेशगिरीजी महाराज ने गोशालाओं के समक्ष आ रही समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने गोसेवकों, गोभक्तों एवं गोशाला संचालकों से स्वाभिमान के साथ एकजुट होकर जयपुर में बड़ी रैली करने का आह्वान किया।
प्रदेशाध्यक्ष रामधाम खेड़ापा के उत्तराधिकारी श्री गोविंदरामजी शास्त्री ने भी समिति के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए गोमाता के कार्यों में आ रहे अवरोधों को दूर कराने के लिए जयपुर पहुंचने का संदेश दिया।

संतों और समिति के पदाधिकारियों का संबोधन
अधिवेशन को स्वामी निर्विकल्पानंद सरस्वतीजी महाराज ने संबोधित करते हुए गोसेवा के प्रत्येक कार्य में प्राण-प्रण से जुट जाने का आह्वान किया।
समिति के मुख्य सलाहकार रघुनाथसिंह राजपुरोहित ने अधिवेशन की प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए नौ सूत्रीय मांगपत्र का पठन किया।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष रघुनाथ भारती महाराज ने वर्तमान शासन-प्रशासन द्वारा गोसेवा में आ रही बाधाओं पर चर्चा की।
सम्मेलन में संतों और गणमान्य लोगों की उपस्थिति
सम्मेलन में परम श्रद्धेय गोऋषि स्वामी श्री दत्तशरणानंद जी महाराज का भी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
सभा को संत श्री महावीर जतिजी महाराज, उपाध्यक्ष गोविंदवल्लदासजी महाराज, श्री तीर्थगिरीजी महाराज मंडवारिया, श्री रामपुरीजी महाराज नून एवं श्री संतोषगिरीजी महाराज पाली ने भी संबोधित किया।
अधिवेशन में सालसर धाम के पंडित रविशंकरजी पुजारी, श्री सूरजनाथजी महाराज, भजन सम्राट श्री प्रकाशदासजी महाराज सहित सैकड़ों संत आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन देने पहुंचे।
इस कार्यक्रम में सेवानिवृत्त IAS अधिकारी रामनिवास चौधरी, समिति के उपाध्यक्ष मांगीलालजी पारासरिया, महामंत्री भगवतीप्रसाद क्याल CA, और राजस्थान के सभी जिलों से पहुंचे हजारों गोभक्त उपस्थित रहे।