भागवत कथा का महत्व: भागवत कथा साक्षात श्रीकृष्ण का स्वरूप: शंकराचार्य
रेवदर के नंदगांव में शंकराचार्य सदानन्द सरस्वती ने भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह ग्रंथ साक्षात श्रीकृष्ण का स्वरूप है और इसका...
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रेवदर के नंदगांव में शंकराचार्य सदानन्द सरस्वती ने भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह ग्रंथ साक्षात श्रीकृष्ण का स्वरूप है और इसका...
रेवदर में आयोजित राजस्थान गोसेवा समिति के वार्षिक अधिवेशन में शंकराचार्य सदानंदजी सरस्वती ने गोभक्तों, गोसेवकों और गोशाल...
रेवदर के नंदगांव में जगद्गुरु शंकराचार्य ने रामकथा के माध्यम से धर्म और कर्तव्य का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि भगवान र...
रेवदर के अभिनव ब्रजमंडल मनोरमा गोलोकतीर्थ नंदगांव में भव्य नंदोत्सव मनाया गया। इस दौरान हजारों भक्तों की उपस्थिति में दह...
नंदगांव में आयोजित चातुर्मास महोत्सव में शंकराचार्य सदानंद सरस्वती ने रामायण प्रसंग के माध्यम से धर्म और सद्कर्मों की अम...
पथमेड़ा के नंदगाँव में द्वारका-शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानन्द सरस्वती का जन्मोत्सव श्रद्धा और भक्ति...
नंदगांव में जगद्गुरु शंकराचार्य सदानन्द सरस्वती ने रामकथा को जीवात्मा की परमात्मा तक की यात्रा बताया। उन्होंने कहा कि 'म...
सिरोही में 30 अगस्त को द्वारकाशारदापीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानन्द सरस्वती का वर्धन्ती दिवस भव्य रूप से मन...
रेवदर में रामकथा के दौरान शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने जनकपुरी की विदाई का प्रसंग सुनाते हुए संस्कारों और सद्गुरु...
जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानन्द सरस्वती जी महाराज ने रेवदर में श्रीराम-विवाह प्रसंग का विवेचन करते हुए विवाह को संस्क...
रेवदर में शंकराचार्य सदानंद सरस्वती ने प्रवचन में कहा कि नाव को मंजिल नहीं समझना चाहिए, असली मंजिल परमात्मप्राप्ति है। उ...
रेवदर में जगद्गुरु शंकराचार्य ने कहा कि भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती भारतीयता की रक्षा है। उन्होंने गोसेवा, गुरु-शरण औ...
जगद्गुरु शंकराचार्य ने नंदगांव में श्रीराम की धर्मयात्रा का वर्णन किया और गुरु-शिष्य परम्परा व 'बला-अतिबला' विद्या के मह...
रेवदर के नंदगांव में आयोजित महोत्सव में जगद्गुरु शंकराचार्य ने कहा कि धर्माचरण ही रामराज्य की स्थापना का सच्चा मार्ग है।...
जगद्गुरु शंकराचार्य ने कहा कि भगवान श्रीराम का अवतार केवल रावण-वध के लिए नहीं, बल्कि धर्म और आदर्श की स्थापना के लिए हुआ...