अजमेर | राजस्थान में आगामी नगर निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर भजनलाल सरकार ने अपनी तैयारी स्पष्ट कर दी है। स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने शनिवार को अजमेर दौरे के दौरान एक महत्वपूर्ण घोषणा की है।
निकाय चुनाव पर बड़ा अपडेट: राजस्थान निकाय चुनाव: मंत्री झाबर सिंह खर्रा का बड़ा बयान
मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि सरकार चुनाव के लिए तैयार है और निर्वाचन आयोग का सहयोग करेगी।
HIGHLIGHTS
- मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि सरकार निकाय और पंचायत चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार है।
- अजमेर में 3.2 हेक्टेयर भूमि पर भव्य कन्वेंशन सेंटर का शिलान्यास किया गया।
- राजस्थान हाईकोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया 31 जुलाई तक पूरी करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
- कन्वेंशन सेंटर के निर्माण पर लगभग 34 करोड़ रुपये की कुल राशि खर्च की जाएगी।
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मंत्री खर्रा ने कहा कि सरकार चुनाव कराने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने अजमेर में झलकारी बाई स्मारक के पास बनने वाले नए कन्वेंशन सेंटर का शिलान्यास भी किया।
अजमेर में विकास की नई इबारत: कन्वेंशन सेंटर
अजमेर शहर के विकास को नई ऊंचाई देने के लिए 3.2 हेक्टेयर जमीन पर कन्वेंशन सेंटर बनाया जाएगा। इस परियोजना पर अजमेर विकास प्राधिकरण लगभग 28 करोड़ रुपये खर्च करेगा।
मंत्री झाबर सिंह खर्रा के साथ विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी और केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी भी मौजूद रहे। इस सेंटर में 1400 लोगों के बैठने की भव्य व्यवस्था होगी।
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आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा केंद्र
इसके अलावा, यहां 400 लोगों की क्षमता वाला एक दूसरा छोटा सेंटर भी बनाया जाएगा। यह अजमेर के सामाजिक और व्यावसायिक कार्यक्रमों के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।
निकाय और पंचायत चुनाव पर बड़ी घोषणा
राजस्थान हाईकोर्ट के हालिया आदेश के बाद प्रदेश में चुनावी सरगर्मियां तेज हैं। मंत्री खर्रा ने स्पष्ट किया कि सरकार निर्वाचन आयोग की हर मांग को समय पर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
खर्रा ने कहा कि हाईकोर्ट के निर्णय का क्रियान्वयन राज्य निर्वाचन आयोग का उत्तरदायित्व है। सरकार की ओर से संसाधनों या सहयोग की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
पंचायत और निकाय चुनाव कराने के लिए निर्वाचन आयोग जो भी सहयोग की मांग करेगा, हमारी सरकार निर्वाचन आयोग को पूरा सहयोग प्रदान करेगी।
हाईकोर्ट का सख्त रुख और समय सीमा
बता दें कि राजस्थान हाईकोर्ट ने शुक्रवार को स्पष्ट किया था कि चुनाव प्रक्रिया 31 जुलाई तक पूरी होनी चाहिए। कोर्ट ने ओबीसी आयोग की रिपोर्ट में देरी को आधार नहीं माना।
अदालत ने शहरी निकायों के वार्ड परिसीमन और मतदाता सूची के कार्य को 20 जून तक अंतिम रूप देने का निर्देश दिया है। इसमें देरी पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी।
कोटपूतली-किशनगढ़ एक्सप्रेसवे पर अपडेट
मंत्री खर्रा ने क्षेत्र के इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी बात की। उन्होंने कहा कि कोटपूतली-किशनगढ़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के अलाइनमेंट में आ रही अड़चनों को जल्द ही दूर कर लिया जाएगा।
इससे क्षेत्र में यातायात सुगम होगा और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। सरकार का ध्यान केवल चुनावों पर ही नहीं, बल्कि प्रदेश के सर्वांगीण विकास पर भी केंद्रित है।
निर्वाचन आयोग की आगामी कार्यवाही
राज्य निर्वाचन आयोग अब मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण के कार्य में जुटा है। हाईकोर्ट की चेतावनी के बाद विभाग अब काफी सक्रिय नजर आ रहा है ताकि समय पर चुनाव संपन्न हों।
मंत्री ने विश्वास जताया कि आगामी चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न होंगे। सरकार प्रशासन के साथ मिलकर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने में लगी हुई है।
अजमेर विकास प्राधिकरण द्वारा आवंटित जमीन पर साइंस पार्क के पास बनने वाला यह सेंटर पर्यटकों को भी आकर्षित करेगा। इससे शहर की सांस्कृतिक गतिविधियों को एक नया मंच मिलेगा।
निष्कर्ष और भविष्य की राह
भजनलाल सरकार का यह रुख स्पष्ट करता है कि वे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के प्रति गंभीर हैं। विकास कार्यों और चुनावी तैयारियों का यह तालमेल राजस्थान की राजनीति में नया मोड़ लाएगा।
चुनावों के समय पर होने से स्थानीय निकायों में जनप्रतिनिधियों की वापसी होगी। इससे जनता की समस्याओं का समाधान अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा और विकास की गति तेज होगी।
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