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राजस्थान

राजस्थान में ग्रामीण विकास की प्रगति: राजस्थान में ग्रामीण विकास की धूम, संसदीय समिति ने सराहा

जोगेन्द्र सिंह शेखावत

संसदीय समिति ने राजस्थान में मनरेगा और राजीविका योजनाओं के शानदार प्रदर्शन की समीक्षा की।

HIGHLIGHTS

  • संसदीय स्थायी समिति ने 1 से 4 मई तक राजस्थान में ग्रामीण विकास योजनाओं का जायजा लिया।
  • मनरेगा के तहत राज्य में 83.28 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुके हैं और मजदूरी में वृद्धि हुई है।
  • राजीविका योजना से 1.84 लाख परिवार लाभान्वित हुए, समूहों का टर्नओवर 95 करोड़ पहुंचा।
  • हरियालो राजस्थान अभियान के अंतर्गत प्रदेश में रिकॉर्ड 14.54 करोड़ पौधे लगाए गए हैं।
rajasthan rural development parliamentary committee visit

जयपुर | राजस्थान में ग्रामीण विकास और पंचायती राज योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए संसदीय स्थायी समिति ने राज्य का सघन दौरा किया। यह महत्वपूर्ण दौरा 1 से 4 मई तक चला।

समिति के अध्यक्ष सप्तगिरि शंकर उलका की अगुवाई में 18 सदस्यों ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों का भ्रमण किया। उन्होंने केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के संचालन और निगरानी प्रक्रिया का बारीकी से अध्ययन किया।

सोमवार को जयपुर में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इसमें मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में विकास कार्यों पर गहन मंथन हुआ।

सवाई माधोपुर में फील्ड विजिट के अनुभव

समिति ने 2 मई को सवाई माधोपुर जिले का दौरा किया था। वहां उन्होंने लाभार्थियों से सीधा संवाद किया। बैठक में इन अनुभवों और प्राप्त सुझावों पर विस्तार से चर्चा की गई।

ग्रामीण विकास मंत्रालय की योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर समिति ने संतोष जताया। लाभार्थियों से मिले फीडबैक के आधार पर योजनाओं में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए गए।

बैठक में मुख्य सचिव ने बताया कि संसदीय स्थायी समिति एक महत्वपूर्ण संस्था है। यह ग्रामीण विकास और पंचायती राज से जुड़ी नीतियों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने में मदद करती है।

मनरेगा और वृक्षारोपण में राजस्थान का दबदबा

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बताया कि राज्य सरकार ग्रामीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। महात्मा गांधी नरेगा के तहत राजस्थान में हाल के वर्षों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की गई हैं।

प्रदेश में मनरेगा के तहत कुल स्वीकृत कार्यों में से 83.28 प्रतिशत कार्य पूरे हो चुके हैं। यह उच्च प्रतिशत राज्य की कार्यक्षमता को दर्शाता है। श्रमिकों की मजदूरी में भी निरंतर वृद्धि हुई है।

पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में 'हरियालो राजस्थान' अभियान एक मिसाल बन गया है। इस अभियान के तहत प्रदेश भर में 14.54 करोड़ पौधे रोपे गए हैं, जो एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।

ग्राम पंचायतों का आधुनिक स्वरूप

राज्य की हर ग्राम पंचायत में अब नर्सरी विकसित की जा रही है। इसके अलावा, खेल परिसर और आदर्श फल उद्यान स्थापित करने की दिशा में भी सरकार तेजी से काम कर रही है।

इन प्रयासों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है। इससे न केवल पर्यावरण सुधरेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

पंचायती राज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए तकनीकी सहायता भी दी जा रही है। इससे विकास कार्यों की गुणवत्ता में काफी सुधार देखने को मिला है।

राजीविका: महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की कहानी

राजस्थान की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए राजीविका योजना मील का पत्थर साबित हो रही है। लाखों परिवारों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर सशक्त किया गया है।

अब तक प्रदेश में 3300 उत्पादक समूहों का गठन किया जा चुका है। इन समूहों के माध्यम से लगभग 1.84 लाख परिवारों को सीधा लाभ पहुँचाया जा रहा है, जिससे उनकी आय बढ़ी है।

इन महिला समूहों ने अपनी मेहनत से लगभग 95 करोड़ रुपये का व्यवसायिक टर्नओवर हासिल किया है। यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक बहुत ही सकारात्मक और प्रेरणादायक संकेत है।

सामाजिक सुरक्षा और पारदर्शिता

सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में भी राजस्थान अग्रणी भूमिका निभा रहा है। राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत पेंशनधारियों को डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभ प्रदान किया जा रहा है।

डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) से पूरी व्यवस्था में पारदर्शिता आई है। अब लाभार्थियों को अपनी पेंशन के लिए भटकना नहीं पड़ता और पैसा सीधे उनके बैंक खातों में सुरक्षित पहुँचता है।

सरकार ने सुनिश्चित किया है कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ बिना किसी देरी के पात्र व्यक्तियों तक पहुंचे। इसके लिए मॉनिटरिंग के आधुनिक तरीके अपनाए जा रहे हैं।

केंद्र और राज्य की योजनाओं का संगम

बैठक में अधिकारियों ने लखपति दीदी, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और सांसद आदर्श ग्राम योजना की प्रगति पर प्रस्तुतीकरण दिया। इन योजनाओं का लाभ अब समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रहा है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना की भी समीक्षा की गई। स्वच्छ भारत मिशन और स्वामित्व योजना के तहत हुए कार्यों की विस्तृत जानकारी साझा की गई।

समिति ने कौशल विकास कार्यक्रमों पर भी चर्चा की। युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए संचालित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्रगति को भी बैठक में सराहा गया।

गुणवत्ता और भविष्य की योजनाएं

समिति के अध्यक्ष सप्तगिरि शंकर उलका ने सड़कों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़कों की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली।

उन्होंने स्वामित्व योजना के तहत प्रॉपर्टी कार्ड वितरण और ग्राम पंचायतों में पंचायत भवनों की उपलब्धता पर भी सवाल पूछे। मनरेगा की वित्तीय स्थिति पर भी अधिकारियों के साथ गहन चर्चा हुई।

"राजस्थान अपनी समृद्ध सांस्कृतिक पहचान के साथ-साथ योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण देश में विशेष स्थान बना रहा है। आधारभूत संरचनाओं के विस्तार से प्रदेश निरंतर प्रगति पर है।"

अधिकारियों की उपस्थिति और सहयोग

इस महत्वपूर्ण बैठक में एसीएस संदीप वर्मा, प्रवीण गुप्ता, कुंजीलाल मीणा और दिनेश कुमार उपस्थित रहे। शासन सचिव डॉ. जोगाराम और मनरेगा आयुक्त पुष्पा सत्यानी ने भी अपने विचार रखे।

बैंक ऑफ बड़ौदा के वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य संबंधित विभागों के प्रमुखों ने भी अपनी भागीदारी निभाई। सभी ने ग्रामीण विकास के लक्ष्यों को समय पर पूरा करने का संकल्प लिया।

संसदीय समिति का यह दौरा राजस्थान के ग्रामीण विकास मॉडल को और मजबूती देगा। समिति के सुझावों से भविष्य में योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

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