जयपुर | राजस्थान के सलूम्बर जिले में बच्चों की अज्ञात बीमारी से मौत के मामले ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। राज्य सरकार इस गंभीर स्थिति को लेकर पूरी तरह सतर्क है।
सलूम्बर में अज्ञात बीमारी का कहर: सलूम्बर में अज्ञात बीमारी से बच्चों की मौत पर सरकार अलर्ट, उदयपुर संभाग के 7 जिलों में हाई अलर्ट जारी
सलूम्बर जिले में बच्चों की अज्ञात बीमारी से मौत के बाद राजस्थान सरकार एक्शन मोड में है। उदयपुर संभाग के सात जिलों में व्यापक स्वास्थ्य जांच और सर्वे अभियान चलाया जा रहा है।
HIGHLIGHTS
- सलूम्बर और उदयपुर संभाग के 7 जिलों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें अलर्ट पर हैं।
- मुख्यमंत्री के निर्देश पर विशेषज्ञों की टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।
- 52 हजार से अधिक घरों का सर्वे कर 275 संदिग्ध मरीजों की पहचान की गई है।
- मच्छर जनित बीमारियों को रोकने के लिए 2500 से ज्यादा जगहों पर एंटी-लार्वल गतिविधियां की गईं।
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सरकार का बड़ा एक्शन
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेषज्ञों की टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग अब उदयपुर संभाग के सातों जिलों में सक्रिय है।
चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर खुद इस पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। आरएनटी मेडिकल कॉलेज की टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जांच शुरू कर दी है।
घर-घर जाकर हो रही जांच
स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने बताया कि संभाग में 3690 टीमें काम कर रही हैं। इन टीमों ने अब तक 52 हजार से अधिक घरों का सर्वे किया है।
इस सर्वे के दौरान 275 ऐसे मरीज मिले हैं जिनमें बीमारी के लक्षण दिखाई दिए। इनमें से 25 गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया है।
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गांवों में पसरा मातम
सलूम्बर के झालरा ब्लॉक स्थित सेमारी गांव में एक 4 साल के बच्चे की मौत की खबर ने सबको झकझोर दिया है। स्वास्थ्य विभाग अब मौत के असली कारणों का पता लगाने में जुटा है।
बीमारी पर लगाम लगाने के लिए विभाग ने 13 हजार से अधिक स्थानों पर जागरूकता अभियान चलाया है। लोगों को बीमारी के लक्षणों और बचाव के तरीकों के बारे में बताया जा रहा है।
मच्छर जनित रोगों पर वार
निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा के अनुसार, करीब 2,557 स्थानों पर एंटी-लार्वल गतिविधियां की गई हैं। यह कदम मच्छर जनित बीमारियों के प्रसार को रोकने के लिए उठाया गया है।
क्षेत्र से 1,796 ब्लड स्लाइड्स ली गई हैं और 94 सैंपल विस्तृत जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। सरकार का लक्ष्य जल्द से जल्द बीमारी की जड़ तक पहुंचना है।
आमजन के लिए जरूरी अपील
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं। अगर किसी भी बच्चे या व्यक्ति में कोई भी असामान्य लक्षण दिखे, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें।
समय पर इलाज और सावधानी ही इस अज्ञात बीमारी से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है। विभाग की टीमें आपकी सुरक्षा के लिए चौबीसों घंटे तैनात हैं और स्थिति पर नजर रख रही हैं।