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राजस्थान

योजनाओं का लाभ पहुंचेगा आखिरी छोर तक: राजस्थान: आखिरी छोर तक पहुंचेगा योजनाओं का लाभ, गहलोत सख्त

जोगेन्द्र सिंह शेखावत

मंत्री अविनाश गहलोत ने योजनाओं की समीक्षा की और माइक्रो मैनेजमेंट सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए।

HIGHLIGHTS

  • 50 बजट घोषणाओं में से 26 पूर्ण, 18 पर काम जारी।
  • पात्र व्यक्तियों के लिए बनेगा माइक्रो मैनेजमेंट सिस्टम।
  • पेंशन, छात्रवृत्ति और पालनहार योजनाओं की हुई समीक्षा।
  • मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप होगा कार्य।
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जयपुर | राजस्थान के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने विभाग की योजनाओं की गहन समीक्षा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाना है। गहलोत ने जयपुर के अंबेडकर भवन में अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप हर पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाना चाहिए।

बजट घोषणाओं की प्रगति पर संतोष

मंत्री ने बताया कि वर्ष 2024 से 2027 तक की कुल 50 बजट घोषणाओं में से 26 को पूर्ण कर लिया गया है। यह विभाग की सक्रियता और जनहित के प्रति समर्पण को दर्शाता है। अन्य 18 घोषणाओं पर काम प्रक्रियाधीन है और 6 पर कार्य शुरू हो चुका है। गहलोत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष कार्यों को भी तय समय सीमा में पूरा करना सुनिश्चित करें।

अंतिम छोर तक पहुँचेगा योजनाओं का लाभ

अविनाश गहलोत ने अधिकारियों को एक विशेष माइक्रो मैनेजमेंट सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए। इससे कोई भी पात्र व्यक्ति जानकारी के अभाव में या प्रक्रियात्मक देरी के कारण लाभ से वंचित नहीं रहेगा।

"विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ आखिरी छोर तक बैठे व्यक्ति तक पहुंचना ही सही मायने में सामाजिक न्याय है।"

विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा

बैठक में छात्रवृत्ति, पेंशन, पालनहार और मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं पर चर्चा हुई। मंत्री ने इनके प्रभावी क्रियान्वयन और डिजिटल मॉनिटरिंग पर विशेष रूप से जोर दिया। सिलिकोसिस योजना और दिव्यांग स्कूटी वितरण में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए। गहलोत ने कहा कि जिस तरह आवासीय विद्यालयों का परिणाम बेहतर रहा है, वैसा ही सुधार अन्य योजनाओं में चाहिए।

चंडीगढ़ चिंतन शिविर के सुझावों पर अमल

बैठक में चंडीगढ़ में आयोजित चिंतन शिविर के सुझावों पर भी चर्चा हुई। अन्य राज्यों के सफल मॉडल्स और नवाचारों को राजस्थान की परिस्थितियों के अनुसार लागू करने की योजना बनाई जा रही है। अतिरिक्त मुख्य सचिव दिनेश कुमार ने भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में पीपीटी के माध्यम से योजनाओं की वर्तमान स्थिति, बजट उपयोग और भविष्य के लक्ष्यों का प्रदर्शन किया गया। बैठक में वित्तीय सलाहकार अंजू सिंह और अतिरिक्त निदेशक जेपी बैरवा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। गहलोत ने राजस्थान संपर्क पोर्टल पर लंबित मामलों के त्वरित और संतुष्टिपूर्ण निस्तारण के आदेश दिए। मंत्री ने जोर देकर कहा कि विधानसभा प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा नियमित रूप से होनी चाहिए। भविष्य की कार्ययोजनाओं को लेकर अधिकारियों के साथ उन्होंने काफी देर तक गंभीर और सार्थक चर्चा की। इस समीक्षा बैठक से राजस्थान में सामाजिक सुरक्षा के ढांचे को मजबूती मिलेगी। समयबद्ध तरीके से लाभ मिलने से जरूरतमंदों के जीवन स्तर में सकारात्मक और बड़ा सुधार आने की पूरी उम्मीद है।

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