जयपुर | राजस्थान में एक बार फिर कुदरत का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) ने पूरे प्रदेश के मौसम में भारी हलचल मचा दी है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ घंटे प्रदेश के कई हिस्सों के लिए काफी संवेदनशील हो सकते हैं। जयपुर सहित कई जिलों में तेज आंधी और बारिश का दौर शुरू होने वाला है।
राजस्थान में मौसम का तांडव: जयपुर समेत राजस्थान के कई जिलों में भारी बारिश और 50 KMPH की रफ्तार से हवाओं का अलर्ट, ऑरेंज अलर्ट जारी
राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण मौसम बदल गया है। जयपुर समेत कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी के साथ ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
HIGHLIGHTS
- जयपुर और आसपास के जिलों में 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं।
- मौसम विभाग ने जयपुर, दौसा और टोंक समेत कई इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया।
- नागौर और मकराना में भारी ओलावृष्टि से रबी की फसलों को पहुंचा भारी नुकसान।
- कोटा में सबसे ज्यादा 20 मिमी बारिश दर्ज की गई, तापमान में 6 डिग्री तक आई गिरावट।
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इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम केंद्र जयपुर ने तात्कालिक चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि जयपुर, दौसा, टोंक और अलवर में मौसम तेजी से बिगड़ने वाला है। यहां बादलों की तेज गर्जना के साथ बारिश होगी।
विभाग के अनुसार, इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। सीकर, अजमेर और झुंझुनूं में भी इसी तरह के गंभीर हालात बने रहने की संभावना है।
प्रशासन ने इन जिलों के निवासियों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी है। खराब मौसम के दौरान सुरक्षित पक्के स्थानों पर रहने और पेड़ों के नीचे शरण न लेने को कहा गया है।
येलो अलर्ट वाले जिले
ऑरेंज अलर्ट के अलावा राजस्थान के कई अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। इनमें नागौर, चूरू, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और बांसवाड़ा जैसे महत्वपूर्ण जिले शामिल हैं।
प्रतापगढ़, पाली, राजसमंद, हनुमानगढ़ और उदयपुर में भी मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। यहां हवा की गति 30 से 40 किमी प्रति घंटा तक रह सकती है।
इन इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिजली गिरने से जनहानि और संपत्ति को बड़ा नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है।
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किसानों की बढ़ी चिंता, फसलें बर्बाद
मौसम के इस बदले मिजाज ने सबसे ज्यादा चोट प्रदेश के किसानों पर की है। नागौर जिले के डेगाना और आसपास के गांवों में देर रात भारी ओलावृष्टि दर्ज की गई है।
धनारी कलां, ढेहरू, सांजू और चुई गांवों में ईसबगोल और रबी की अन्य फसलें खेतों में बिछ गई हैं। ओलों की मार से किसानों की साल भर की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
डीडवाना-कुचामन जिले के मकराना क्षेत्र के मनाना और गच्छीपुरा में भी यही हाल है। स्थानीय प्रशासन अब नुकसान का सटीक आकलन करने के लिए प्रभावित खेतों का सर्वे करने की तैयारी में है।
कोटा में सबसे अधिक बारिश
पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो कोटा में सबसे अधिक 20 एमएम बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा अलवर के कोटकासिम में भी 5 एमएम और टपूकड़ा में 3 एमएम वर्षा हुई है।
बारिश और ठंडी हवाओं के कारण राजस्थान के अधिकतम तापमान में भारी गिरावट आई है। सीकर, चूरू, पिलानी और जयपुर जैसे शहरों में पारा 2 से 6 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है।
कोटा और चित्तौड़गढ़ में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से काफी कम है। इससे लोगों को चिलचिलाती गर्मी से फिलहाल बड़ी राहत मिली है और मौसम सुहावना हो गया है।
आगे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम केंद्र जयपुर के विशेषज्ञों का कहना है कि यह सक्रिय मौसम प्रणाली अभी कुछ और दिनों तक अपना प्रभाव दिखाएगी। अप्रैल के पहले सप्ताह तक प्रदेश में आंधी और बारिश का दौर जारी रहेगा।
हालांकि, अगले दो-तीन दिनों के बाद आंधी और बारिश की तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आने लगेगी। इसके बाद एक बार फिर तापमान में बढ़ोतरी होगी और भीषण गर्मी अपना असर दिखाना शुरू करेगी।
फिलहाल, आमजन को सलाह दी गई है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें। विशेषकर बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों, बिजली के खंभों या ऊंचे पेड़ों से दूर रहें।
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