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राजस्थान

राज्यवर्धन सिंह का युवाओं को संदेश: कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ का युवाओं को मंत्र: 'कर्म ही धर्म है', नशे से दूर रहकर करें राष्ट्र निर्माण

जोगेन्द्र सिंह शेखावत

राजस्थान के मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने लाडनूं में युवाओं को संबोधित करते हुए मानवता और नैतिकता का पाठ पढ़ाया। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की।

HIGHLIGHTS

  • मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने लाडनूं में उत्तरांचल युवा सम्मेलन में शिरकत की।
  • उन्होंने आचार्य महाश्रमण से मुलाकात कर मानवता और नैतिकता का आशीर्वाद लिया।
  • राठौड़ ने कहा कि धर्म का असली मतलब मजहब नहीं बल्कि कर्तव्य और कर्म है।
  • युवाओं को नशे की लत से बचकर देश के विकास में भागीदार बनने की सलाह दी गई।
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लाडनूं | राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ सोमवार को डीडवाना-कुचामन जिले के लाडनूं दौरे पर रहे। यहाँ उन्होंने जैन विश्व भारती के युवा आलोक भवन में आयोजित 'उत्तरांचल युवा सम्मेलन' में भाग लिया।

इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद द्वारा किया गया था। सम्मेलन से पहले मंत्री राठौड़ ने जैन धर्म के प्रखर संत आचार्य महाश्रमण से मुलाकात की। उन्होंने आचार्य श्री का आशीर्वाद लेकर समाज कल्याण पर चर्चा की।

युवाओं के लिए मानवता और नैतिकता का संदेश

युवाओं को संबोधित करते हुए राज्यवर्धन सिंह ने कहा कि आज के समय में मानवता और नैतिकता सबसे बड़ी जरूरत है। आचार्य महाश्रमण पूरे विश्व को सद्भाव और नशा मुक्ति का संदेश दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि हमें इन आदर्शों को अपने जीवन में उतारना चाहिए। भारतीयता का विचार ही वह सूत्र है जो हम सबको एक साथ जोड़कर रखता है। यह हमारी सामूहिक पहचान को और मजबूत बनाता है।

धर्म का असली अर्थ: कर्तव्य और कर्म

कर्नल राठौड़ ने धर्म की परिभाषा को स्पष्ट करते हुए कहा कि धर्म का मतलब किसी विशेष जाति या मजहब से नहीं है। उनके अनुसार, कर्म ही असली धर्म है और धर्म ही कर्म है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि जिस राष्ट्र का विचार मजबूत होता है, वह देश हमेशा प्रगति करता है। हमारे गुरु और शिक्षक हमें यही महान विचार प्रदान करते हैं ताकि हम सही मार्ग पर चल सकें।

स्वामी विवेकानंद के सपनों का भारत

मंत्री ने स्वामी विवेकानंद का जिक्र करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए उच्च विचार वाले युवाओं की जरूरत है। अगर युवाओं में कर्तव्य परायणता हो, तो देश कभी हार नहीं सकता।

उन्होंने युवाओं में बढ़ते नशे के चलन पर गहरी चिंता जताई। राठौड़ ने कहा कि नशा न केवल परिवार बल्कि पूरे समाज और देश को खोखला कर देता है। युवाओं को इससे पूरी तरह दूर रहना चाहिए।

वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका

राठौड़ ने कहा कि ऐसे आयोजनों से युवाओं को एक-दूसरे के विचारों को समझने का मौका मिलता है। इससे देश की एकता और अखंडता को बल मिलता है।

आज पूरी दुनिया शांति और नैतिकता की तलाश में है। भारत ही वह देश है जो विश्व को मानवता का सही रास्ता दिखा सकता है। युवाओं को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए देश को मजबूत बनाना होगा।

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