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राज्य

नकिता का 93.80% स्कोर, पर वो नहीं रही: RBSE 12th Result: 93.80% अंक लाने वाली नकिता का रिजल्ट से पहले निधन, रो पड़ा पूरा राजस्थान

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राजस्थान बोर्ड 12वीं के नतीजों में श्रीगंगानगर की नकिता ने 93.80% अंक हासिल किए, लेकिन परिणाम आने से 11 दिन पहले ही उनका निधन हो गया। इस भावुक खबर ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।

HIGHLIGHTS

  • श्रीगंगानगर के रावला की छात्रा नकिता ने 12वीं कला वर्ग में 93.80% अंक प्राप्त किए।
  • परिणाम घोषित होने से महज 11 दिन पहले ही बीमारी के कारण नकिता का निधन हो गया।
  • नकिता ने 7 KND राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय और अपने परिवार का नाम रोशन किया।
  • बेटी की इस शानदार सफलता को देखकर परिजनों की आंखों में आंसू छलक आए।
rbse 12th result nakita scores 93 percent passes away before results

श्रीगंगानगर | राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने मंगलवार को कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित किए। इस रिजल्ट ने राज्य के लाखों घरों में खुशियां बिखेरीं, लेकिन श्रीगंगानगर जिले के रावला क्षेत्र के 7 KND गांव में मंजर कुछ और ही था।

यहां एक घर ऐसा है, जहां बिटिया ने 93.80% अंक हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया। लेकिन इस स्वर्णिम सफलता को देखने के लिए वह खुद आज इस दुनिया में मौजूद नहीं थी।

मेहनत का मिला फल, पर चखने वाली नहीं रही

7 KND राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की छात्रा नकिता ने कला वर्ग में अपनी मेहनत का लोहा मनवाया। उसने पीईईओ क्षेत्र में शीर्ष स्थान हासिल कर विद्यालय का मान बढ़ाया।

नकिता की इस बड़ी उपलब्धि पर आज पूरे स्कूल और गांव को गर्व है। लेकिन अफसोस कि नकिता अपनी इस शानदार सफलता का जश्न खुद नहीं मना सकी।

नियति का क्रूर प्रहार

नियति ने ऐसा क्रूर खेल खेला कि परिणाम जारी होने से ठीक 11 दिन पहले यानी 20 मार्च को नकिता का निधन हो गया। वह काफी समय से बीमारी से जूझ रही थी।

नकिता के शिक्षकों ने बताया कि वह एक अत्यंत अनुशासित और होनहार छात्रा थी। उसकी कमी स्कूल में हमेशा खलेगी। वह भविष्य में शिक्षा के क्षेत्र में कुछ बड़ा करना चाहती थी।

बेटी की कामयाबी देख रो पड़ा परिवार

जैसे ही रिजल्ट घोषित हुआ और नकिता के 93.80% अंकों का पता चला, उसके माता-पिता फूट-फूटकर रो पड़े। उनकी आंखों में अपनी लाडली की सफलता की चमक और उसे खोने का गम साफ दिख रहा था।

पूरे गांव में शोक की लहर है, लेकिन हर कोई नकिता की हिम्मत और उसकी पढ़ाई के प्रति लगन की तारीफ कर रहा है। यह परिणाम नकिता की मेहनत को एक सच्ची श्रद्धांजलि है।

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