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भारत

NIA का खुलासा: लाल किला धमाका: सोची-समझी साजिश,आत्मघाती हमले की तैयारी

बलजीत सिंह शेखावत

NIA ने लाल किला धमाके को एक सुनियोजित साजिश बताया है। चार्जशीट के मुताबिक, हमलावर ने विस्फोटक को एक विशेष तंत्र से सक्रिय किया था और समूह आत्मघाती हमलों के लिए युवाओं की भर्ती कर रहा था।

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HIGHLIGHTS

  • NIA ने लाल किला धमाके को हादसा नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश बताया।
  • हमलावर ने कार में मौजूद विस्फोटक को एक विशेष तंत्र के जरिए सक्रिय किया था।
  • आरोपी भारतीय राज्य के प्रतीक लाल किले को निशाना बनाना चाहते थे।
  • संगठन पर युवाओं को कट्टरपंथी बनाकर आत्मघाती हमलों के लिए तैयार करने का आरोप है।
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लाल किला धमाका: NIA की जांच में साजिश का पर्दाफाश

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने लाल किला के पास हुए भीषण धमाके की जांच में एक चौंकाने वाला दावा किया है, जिसने हमले की पूरी तस्वीर को और भी गंभीर बना दिया है।

एजेंसी द्वारा दायर चार्जशीट के अनुसार, कार में मौजूद विस्फोटक को किसी अचानक हुए हादसे के कारण नहीं, बल्कि एक सुनियोजित और विशेष तंत्र के जरिए सक्रिय किया गया था।

प्रतीकात्मक निशाना था लाल किला

जांच में सामने आए साक्ष्यों से यह संकेत मिलता है कि हमलावरों ने लाल किले को केवल एक घटनास्थल के रूप में नहीं, बल्कि एक प्रतीकात्मक निशाने के तौर पर चुना था।

हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, NIA ने इस मामले में मई 2026 में 10 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। दिल्ली की एक अदालत ने 29 अगस्त को इस पर संज्ञान लिया।

फोरेंसिक सबूतों ने खोली साजिश की परतें

NIA ने अपनी जांच के दौरान फोरेंसिक और डीएनए साक्ष्यों के आधार पर विस्फोट की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया है।

चार्जशीट में इस बात का उल्लेख है कि घटनास्थल से बरामद एक जूते में धातु का एक हिस्सा मिला था। NIA का दावा है कि यह हिस्सा उसी तंत्र से जुड़ा था, जिसका इस्तेमाल कार में रखे विस्फोटक को सक्रिय करने के लिए किया गया था।

जांच एजेंसी के मुताबिक, इस बरामदगी और अन्य फोरेंसिक सबूतों से यह निष्कर्ष निकलता है कि विस्फोट को जानबूझकर और पूरी योजना के साथ अंजाम दिया गया था।

हमलावर की पहचान और विस्फोटक

जांच में मृत हमलावर, डॉ. उमर उन नबी के शरीर से जुड़े नमूनों में TATP और अमोनियम नाइट्रेट जैसे शक्तिशाली विस्फोटकों के अंश मिलने की पुष्टि हुई है।

NIA के अनुसार, इस सबूत से यह स्थापित करने में महत्वपूर्ण मदद मिली कि विस्फोट के समय नबी कार के अंदर ही मौजूद था।

विस्फोटक उपकरण बनाने में किसकी थी भूमिका?

एजेंसी ने चार्जशीट में आरोप लगाया है कि विस्फोटक उपकरण को तैयार करने में जसिर बिलाल वानी की मुख्य भूमिका थी।

आरोपपत्र के अनुसार, वानी को विस्फोटक तैयार करने की तकनीकी जानकारी थी और उसी ने नबी को उपकरण से संबंधित महत्वपूर्ण हिस्सा उपलब्ध कराया था।

लाल किला ही क्यों बना निशाना?

जांच एजेंसी ने नबी की गतिविधियों का विश्लेषण करते हुए दावा किया है कि उसने दिसंबर 2023 से मई 2025 के बीच लाल किले और उसके आसपास के इलाके के कई दौरे किए थे।

कुछ मौकों पर वह अन्य आरोपियों के साथ भी वहां पहुंचा था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इलाके की रेकी की गई थी।

NIA का कहना है कि आरोपियों की नजर में लाल किला भारतीय राज्य का एक महत्वपूर्ण प्रतीक था। एजेंसी को नबी के ठिकाने से कथित तौर पर ऐसे दस्तावेज भी मिले हैं, जिनमें लोकतांत्रिक व्यवस्था का विरोध करने और भारत में शरिया कानून लागू करने जैसी विचारधारा का उल्लेख था।

युवाओं की भर्ती और आत्मघाती हमले की तैयारी

चार्जशीट में यह भी खुलासा किया गया है कि यह समूह अपने नेटवर्क को बढ़ाने के लिए नए सदस्यों की तलाश कर रहा था।

नबी और उसके सहयोगियों पर छात्रों और डॉक्टरों सहित कई संभावित युवाओं को कट्टरपंथी विचारों की ओर आकर्षित करने का आरोप है।

  • भविष्य की योजना: NIA के अनुसार, कुछ लोगों को भविष्य में आत्मघाती हमले करने के लिए तैयार करने की कोशिश भी की जा रही थी।
  • डिजिटल सबूत: जांच में टेलीग्राम चैट और अन्य डिजिटल उपकरणों से जुड़ी गतिविधियों का भी विश्लेषण किया गया है।

फंडिंग नेटवर्क का खुलासा

एजेंसी ने डॉ. शहीद सईद पर समूह को आर्थिक मदद पहुंचाने का गंभीर आरोप लगाया है। चार्जशीट के मुताबिक, लगभग 16 लाख रुपये नकद कथित तौर पर संगठन की गतिविधियों को अंजाम देने के लिए दिए गए थे।

जांच एजेंसी का दावा है कि इस धन का इस्तेमाल हथियार और विस्फोटक बनाने के लिए जरूरी सामान खरीदने में किया गया।

आतंकी संगठन को पुनर्जीवित करने की कोशिश

NIA ने इस पूरे नेटवर्क को आतंकी संगठन Ansar Ghazwat-ul-Hind (AGuH) के पुनर्गठन की एक बड़ी कोशिश से जोड़ा है।

AGuH की स्थापना 2017 में जाकिर राशिद भट उर्फ जाकिर मूसा ने की थी। 2019 में मूसा की मौत के बाद संगठन की गतिविधियां काफी कमजोर पड़ गई थीं। एजेंसी का आरोप है कि इन आरोपियों ने संगठन के एक नए अंतरिम ढांचे को खड़ा करने का प्रयास किया था।

*Edit with Google AI Studio

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