thinQ360
thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 📍 राज्य 📰 लाइफ स्टाइल 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 📰 जालोर 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 📰 मनचाही ▶️ YouTube
राजस्थान

सांचौर: कर्मचारी महासंघ की चेतावनी: सांचौर में कर्मचारी महासंघ का हल्ला बोल, आंदोलन की चेतावनी

सांचौर में अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ ने विभिन्न मांगों पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

HIGHLIGHTS

  • अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ ने निलंबन और RGHS के मुद्दे पर नाराजगी जताई।
  • ग्रीष्मावकाश के बाद स्कूल खोलने की तारीख 20 जून से आगे बढ़ाने की मांग की गई है।
  • मांगें पूरी नहीं होने पर 20 से 30 जून तक शिक्षकों द्वारा स्कूल बहिष्कार की चेतावनी दी।
  • आठवां वेतनमान लागू करने और महंगाई भत्ते (DA) में देरी के खिलाफ भी रोष प्रकट किया।
sanchore employee federation protest rghs vacation issue

सांचौर | सांचौर में अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रविवार को प्रदेश अध्यक्ष महावीर शर्मा की बैठक में निलंबन, आरजीएचएस और ग्रीष्मावकाश जैसे मुद्दों पर कड़ा विरोध जताया गया।

महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को ब्लॉक स्तर से राजधानी तक ले जाया जाएगा। कर्मचारी अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर काफी आक्रोशित नजर आ रहे हैं।

आरजीएचएस और निलंबन पर रोष

महामंत्री महावीर सियाग ने कहा कि कर्मचारियों पर 16सीसी और 17सीसी के तहत बेबुनियाद आरोप लगाकर निलंबन किया जा रहा है। संघ ने इस दमनकारी कार्रवाई को तुरंत बंद करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

शिक्षक संघ प्रगतिशील के किशनलाल सारण ने आरजीएचएस योजना में बड़े घोटाले की आशंका जताई है। उन्होंने इसके विरोध में 12 मई को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन सौंपने के कार्यक्रम की घोषणा की है।

स्कूल बहिष्कार की बड़ी चेतावनी

महासंघ ने मांग की है कि भीषण गर्मी को देखते हुए ग्रीष्मावकाश के बाद स्कूल खोलने की तिथि 20 जून से आगे बढ़ाई जाए। शिक्षकों का कहना है कि इस मौसम में स्कूल खोलना व्यावहारिक नहीं है।

"यदि सरकार तिथि में बदलाव नहीं करती है, तो 20 से 30 जून तक शिक्षक वर्ग विद्यालयों का पूर्ण बहिष्कार करेगा।"

बैठक में राजनेताओं के कार्यक्रमों में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने का भी विरोध हुआ। संघ ने निर्णय लिया कि भविष्य में ऐसे किसी भी अनावश्यक राजनीतिक कार्यक्रम का कर्मचारी पूरी तरह से सामूहिक बहिष्कार करेंगे।

वेतन विसंगति और पदोन्नति

महासंघ ने तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण, स्थायीकरण और पदोन्नति की मांग उठाई। साथ ही क्रमोन्नत विद्यालयों में व्याख्याताओं के पद स्वीकृत कर जल्द काउंसलिंग के माध्यम से पदस्थापन करने की पुरजोर मांग सरकार के सामने रखी।

महंगाई भत्ते (डीए) में हो रही देरी पर भी रोष जताया गया। कर्मचारियों ने आठवां वेतनमान जल्द लागू करने और तब तक अंतरिम राहत देने की मांग की है ताकि आर्थिक बोझ को कम किया जा सके।

अंत में निर्णय लिया गया कि जून माह तक ब्लॉक स्तर के चुनाव संपन्न कराए जाएंगे। महासंघ ने स्पष्ट किया कि वे अपने अधिकारों के लिए किसी भी स्तर तक संघर्ष करने को पूरी तरह तैयार हैं। यह लड़ाई कर्मचारियों के मान-सम्मान की है।

*Edit with Google AI Studio

शेयर करें: