सिरोही |
बिना रिप्लेसमेंट हटाए शिक्षकों को कार्य मुक्त न करें: पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को भेजा पत्र
पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर सिरोही में बिना रिप्लेसमेंट शिक्षकों को कार्य मुक्त न करने की मांग की है, 2019 के आदेश का हवाला दिया।
HIGHLIGHTS
- पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने शिक्षा विभाग को पत्र लिखा।
- सिरोही में बिना रिप्लेसमेंट शिक्षकों को कार्य मुक्त न करने की मांग।
- मुख्य सचिव के 11 अक्टूबर 2019 के आदेश का दिया हवाला।
- जिले से 73 शिक्षक बाहर भेजे गए, जबकि केवल 23 ही आए।
संबंधित खबरें
पूर्व मुख्यमंत्री के सलाहकार और पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने शिक्षा विभाग में शिक्षकों के तबादलों को लेकर एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया है। उन्होंने शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव को पत्र लिखकर सिरोही जिले में शिक्षकों की कमी पर चिंता व्यक्त की है।
मुख्य सचिव के आदेश की अनदेखी का आरोप
संयम लोढ़ा ने अपने पत्र में राज्य के मुख्य सचिव द्वारा 11 अक्टूबर 2019 को जारी किए गए एक आदेश का हवाला दिया है।
उन्होंने याद दिलाया कि इस आदेश के अनुसार, सिरोही जिले में पहले से ही बिना किसी रिप्लेसमेंट के शिक्षकों को हटाने पर रोक लगी हुई है।
संबंधित खबरें
लोढ़ा ने कहा कि यदि किसी विशेष कारण से तबादला कर भी दिया जाता है, तो भी उन्हें तब तक कार्य मुक्त नहीं किया जा सकता जब तक कि उनकी जगह कोई दूसरा शिक्षक न आ जाए। उन्होंने इस आदेश की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
उच्च न्यायालय के निर्देश पर जारी हुआ था आदेश
लोढ़ा ने बताया कि यह आदेश राजस्थान उच्च न्यायालय में विचाराधीन उनकी एक जनहित याचिका पर दिए गए निर्देशों की पालना में जारी किया गया था।
मुख्य सचिव ने अपने पत्र संख्या क्रमांक पी 1 (124) ग्रा वि./अनु-8/नीति आयोग/2017 के जरिए सभी विभागों को यह निर्देश दिया था कि आकांक्षी जिलों से बिना रिप्लेसमेंट के किसी भी कार्मिक को नहीं हटाया जाएगा।
उन्होंने खेद व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्य सचिव के इस महत्वपूर्ण आदेश की पालना सुनिश्चित नहीं की जा रही है, जिससे जिले की शिक्षा व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
शिक्षकों की कमी से जूझ रहा सिरोही
पत्र में लोढ़ा ने हालिया तबादला सूचियों का भी जिक्र किया है। उन्होंने लिखा कि पिछले 10 दिनों में (8 जुलाई 2026 तक) जारी की गई तबादला सूचियों में शिक्षा विभाग ने सिरोही जिले से 73 शिक्षकों को बाहर भेज दिया है।
इसके विपरीत, सिरोही जिले में केवल 23 नए शिक्षकों को ही लगाया गया है। इस तरह, जिले में 50 शिक्षकों की और कमी हो गई है।
उन्होंने बताया कि जिले में दर्जनों प्राइमरी स्कूल ऐसे हैं जो सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं।
इसके अलावा, कम से कम 20 सीनियर सेकेंडरी स्कूल ऐसे हैं, जहां केवल 3 से 4 शिक्षक ही कार्यरत हैं, जो कि छात्रों की संख्या के हिसाब से बहुत कम है।
जिला कलेक्टर को पाबंद करने का आग्रह
संयम लोढ़ा ने जिले के बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए यह अत्यंत आवश्यक बताया है कि बिना रिप्लेसमेंट के किसी भी शिक्षक को नहीं हटाया जाए।
उन्होंने शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव से आग्रह किया है कि जारी किए गए तबादला आदेशों के संबंध में मुख्य सचिव के 2019 के आदेश को ध्यान में रखा जाए।
लोढ़ा ने मांग की है कि सिरोही जिला कलेक्टर को इस बात के लिए पाबंद किया जाए कि वे शिक्षा विभाग या किसी अन्य विभाग में बिना रिप्लेसमेंट के हटाए गए किसी भी कार्मिक को जिले से कार्य मुक्त न करें।
*Edit with Google AI Studio