नई दिल्ली | देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के करोड़ों ग्राहकों के लिए एक बेहद जरूरी सूचना है। अगर आपके पास बैंक की शाखा से जुड़ा कोई भी महत्वपूर्ण काम लंबित है, तो उसे आज ही हर हाल में निपटा लें।
SBI बैंक 6 दिन बंद: जरूरी काम निपटाएं: SBI बैंक कल से 6 दिन बंद: हड़ताल और छुट्टियों का असर
23 से 28 मई तक SBI की शाखाओं में कामकाज ठप रहेगा। जानें हड़ताल और छुट्टियों की पूरी लिस्ट।
HIGHLIGHTS
- 23 मई से 28 मई तक भारतीय स्टेट बैंक की शाखाओं में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी।
- बैंक बंद होने की मुख्य वजह वीकेंड, कर्मचारियों की हड़ताल और बकरीद की छुट्टियां हैं।
- ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन ने 25 और 26 मई को हड़ताल बुलाई है।
- शाखाएं बंद होने के बावजूद ग्राहकों के लिए एटीएम और डिजिटल बैंकिंग सेवाएं जारी रहेंगी।
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आने वाले कल यानी 23 मई से लेकर 28 मई 2026 तक देश के अधिकांश हिस्सों में एसबीआई की शाखाएं बंद रह सकती हैं। इस 6 दिनों की अवधि में बैंकिंग कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहने की संभावना है।
SBI बैंक बंद होने का पूरा कैलेंडर
बैंक बंद होने की यह स्थिति किसी एक कारण से नहीं बल्कि छुट्टियों और विरोध प्रदर्शनों के संयोग से बनी है। इसमें वीकेंड की छुट्टियां, प्रस्तावित हड़ताल और धार्मिक त्योहार शामिल हैं।
23 मई को महीने का चौथा शनिवार है, जिसके कारण देश भर के सभी बैंक बंद रहते हैं। इसके अगले दिन 24 मई को रविवार की साप्ताहिक छुट्टी होने के कारण बैंक में कामकाज नहीं होगा।
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प्रस्तावित हड़ताल का बड़ा असर
25 और 26 मई को ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन ने देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। यह सोमवार और मंगलवार का दिन है, जो सामान्यतः बैंकिंग के लिए व्यस्त दिन होते हैं।
हड़ताल के कारण चेक क्लियरिंग, कैश डिपॉजिट और पासबुक अपडेट जैसे महत्वपूर्ण काम पूरी तरह रुक सकते हैं। कर्मचारियों की यह हड़ताल उनकी 16 सूत्रीय मांगों को लेकर आयोजित की जा रही है।
बकरीद की छुट्टियों का प्रभाव
हड़ताल के तुरंत बाद 27 मई को बकरीद (ईद-उल-अजहा) का त्योहार मनाया जाएगा। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के कैलेंडर के अनुसार, इस दिन देश के अधिकांश राज्यों में बैंक बंद रहेंगे।
वहीं कुछ क्षेत्रों में बकरीद की छुट्टी 28 मई को भी दी गई है। जम्मू-कश्मीर जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में 27 और 28 मई दोनों दिन बैंक बंद रहने वाले हैं, जिससे वहां लगातार छुट्टियां रहेंगी।
हड़ताल क्यों कर रहे हैं SBI कर्मचारी?
ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन (AISBISF) ने अपनी मांगों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उनका कहना है कि लंबे समय से उनकी जायज मांगों को अनसुना किया जा रहा है।
फेडरेशन का मानना है कि कर्मचारियों पर काम का बोझ लगातार बढ़ रहा है, लेकिन उस अनुपात में नई भर्तियां नहीं की जा रही हैं। इससे ग्राहकों को मिलने वाली सेवा की गुणवत्ता भी गिर रही है।
"हमारा उद्देश्य ग्राहकों को परेशान करना नहीं है, बल्कि बैंक की कार्यप्रणाली में सुधार और कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा करना है। प्रशासन को हमारी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।"
कर्मचारियों की 16 प्रमुख मांगें
कर्मचारियों की सबसे पहली मांग चतुर्थ श्रेणी यानी मेसेंजर्स की नई भर्ती को लेकर है। बैंक में इन पदों पर लंबे समय से स्थाई नियुक्तियां नहीं हुई हैं, जिससे कामकाज प्रभावित हो रहा है।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सशस्त्र गार्डों (Armed Guards) की भर्ती भी एक बड़ा मुद्दा है। कई शाखाओं में पर्याप्त सुरक्षाकर्मी न होने से कर्मचारी और ग्राहक दोनों असुरक्षित महसूस करते हैं।
पेंशन और एनपीएस में सुधार
नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत आने वाले कर्मचारी चाहते हैं कि उन्हें अपना पेंशन फंड मैनेजर चुनने की आजादी मिले। वर्तमान व्यवस्था में उनके पास सीमित विकल्प मौजूद हैं।
इसके अलावा, 7वें द्विपक्षीय समझौते के तहत रिटायर हुए कर्मियों की पेंशन गणना में सुधार की मांग की जा रही है। वे चाहते हैं कि पेंशन में सभी भत्तों को शामिल किया जाए।
स्थानांतरण और आउटसोर्सिंग का विरोध
2019 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों के लिए इंटर सर्कल ट्रांसफर (ICT) की सुविधा बहाल करने की मांग की गई है। इससे कर्मचारी अपने गृह राज्यों के करीब काम कर सकेंगे।
फेडरेशन का कड़ा विरोध बैंकिंग कार्यों की आउटसोर्सिंग को लेकर भी है। उनका कहना है कि स्थाई प्रकृति के कार्यों को बाहरी एजेंसियों को देना बैंक की सुरक्षा के लिए खतरा है।
कार्यस्थल पर समानता और पदोन्नति
स्टेट बैंक में कर्मचारियों के वेतन और सुविधाओं में मौजूद असमानताओं को दूर करने की मांग की गई है। 'समान काम, समान वेतन' के सिद्धांत को लागू करने पर जोर दिया जा रहा है।
करियर प्रोग्रेशन स्कीम की समीक्षा भी एक प्रमुख मांग है। कर्मचारी चाहते हैं कि प्रमोशन की नीतियां पारदर्शी हों और सभी को आगे बढ़ने के समान अवसर प्राप्त हों।
मेडिकल और तकनीकी सुविधाएं
चिकित्सा प्रतिपूर्ति (Medical Reimbursement) योजना को सरल बनाने और फिजिशियन कंसल्टेशन चार्जेस की समीक्षा की मांग की गई है। बढ़ती महंगाई में स्वास्थ्य सुविधाएं कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत होंगी।
बैंक के एचआर सॉफ्टवेयर (HRMS) में लगातार आ रही तकनीकी दिक्कतों को भी दूर करने की मांग है। खराब सॉफ्टवेयर के कारण कर्मचारियों का काफी समय बर्बाद होता है और तनाव बढ़ता है।
मिस-सेलिंग और क्रॉस-सेलिंग पर विवाद
एक बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दा 'मिस-सेलिंग' का है। कर्मचारियों का आरोप है कि उन पर बीमा और म्यूचुअल फंड जैसे थर्ड-पार्टी प्रोडक्ट बेचने का अत्यधिक दबाव बनाया जाता है।
इस दबाव के कारण कई बार ग्राहकों को गलत वित्तीय उत्पाद बेच दिए जाते हैं। फेडरेशन चाहता है कि बैंक अपने मुख्य बैंकिंग कार्यों पर ध्यान केंद्रित करे न कि केवल क्रॉस-सेलिंग पर।
ग्राहकों के लिए क्या है विकल्प?
हालांकि शाखाएं बंद रहेंगी, लेकिन एसबीआई ने स्पष्ट किया है कि उसकी डिजिटल सेवाएं 24x7 चालू रहेंगी। ग्राहक नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग (YONO) और यूपीआई का उपयोग कर सकते हैं।
एटीएम मशीनों में कैश की कमी न हो, इसके लिए बैंक ने विशेष इंतजाम किए हैं। हालांकि, चेक क्लियरिंग और ड्राफ्ट बनवाने जैसे कामों के लिए आपको 29 मई तक का इंतजार करना होगा।
बैंक की इन लंबी छुट्टियों और हड़ताल के कारण व्यापारिक जगत पर भी बड़ा असर पड़ने की उम्मीद है। व्यापारियों को सलाह दी गई है कि वे अपने बड़े लेनदेन की योजना पहले ही बना लें।
कुल मिलाकर, 23 से 28 मई के बीच बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह सामान्य नहीं रहेंगी। ग्राहकों को किसी भी असुविधा से बचने के लिए आज ही बैंक जाकर अपने पेंडिंग काम निपटा लेने चाहिए ताकि बाद में परेशानी न हो।
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