thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 📍 राज्य 📰 लाइफ स्टाइल 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 📰 जालोर 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 📰 मनचाही ▶️ YouTube
शख्सियत

मुंबई: शो बंद होने की अफवाह पर बोले शेखर सुमन- जनता मेरे साथ है

जोगेन्द्र सिंह शेखावत

शेखर सुमन ने शो बंद होने की अफवाहों पर हेटर्स को दिया करारा जवाब, कहा- जनता का साथ है।

+Follow us
thinQ360 को गूगल पर फेवरेट बनाएँ

HIGHLIGHTS

  • शेखर सुमन ने शो बंद होने की अफवाहों का खंडन किया।
  • उन्होंने मजाकिया अंदाज में अपने राइटर्स को जिम्मेदार ठहराया।
  • शेखर ने कहा कि जनता के समर्थन तक शो बंद नहीं होगा।
  • उन्होंने पुराने और नए दौर की फिल्म मेकिंग पर भी बात की।
shekhar suman tonite show ending rumors reaction

मुंबई | अभिनेता और होस्ट शेखर सुमन अपने लोकप्रिय टॉक शो 'शेखर टुनाइट' के साथ एक बार फिर चर्चा में हैं। शो को दर्शकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है, लेकिन इसी बीच कुछ अफवाहें भी उड़ीं कि शो जल्द ही बंद हो सकता है। इन अफवाहों पर शेखर सुमन ने अपने ही अंदाज में जवाब दिया है।

शो बंद होने की अफवाहों पर शेखर का मजाकिया तंज

हाल ही में शेखर सुमन ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने शो बंद होने की बातों पर मजाकिया ढंग से प्रतिक्रिया दी।

वीडियो में कोई उनसे पूछता है, 'एसएस बॉस, लोग तो कह रहे थे कि तुम्हारा शो दो एपिसोड में बंद हो जाएगा, लेकिन यह तो झंडे गाड़ रहा है, क्या कहना चाहोगे?'

राइटर्स पर फोड़ा ठीकरा

इस सवाल के जवाब में शेखर ने हंसते हुए अपने राइटर्स की ओर कैमरा करने को कहा। उन्होंने मजाक में कहा कि यही लोग कोशिश कर रहे थे कि शो बंद हो जाए।

उन्होंने अपनी टीम की एक सदस्य को 'सरगना' बताते हुए कहा कि वही सबको उकसाती और भड़काती है। यह सब उन्होंने पूरी तरह मजाकिया लहजे में कहा।

जब तक जनता हमारे साथ है तब तक शो कभी बंद नहीं हो सकता।

इस बयान से उन्होंने साफ कर दिया कि उन्हें अपने दर्शकों पर पूरा भरोसा है और वह इन अफवाहों से परेशान नहीं हैं।

इंडस्ट्री के बदलते दौर पर रखी अपनी राय

शेखर सुमन सिर्फ अपने शो को लेकर ही नहीं, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री में आए बदलावों पर भी खुलकर बात करते हैं।

हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि आज के समय में क्रिएटर्स के पास कितनी आजादी है। वे अपनी कहानियां बिना किसी झिझक के कह सकते हैं।

'पहले फिल्मों का एक तय टेम्पलेट होता था'

पुराने दिनों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि पहले फिल्ममेकर्स को कुछ खास विषयों पर फिल्म न बनाने की सलाह दी जाती थी।

उन्होंने बताया कि उस दौर में फिल्म बनाने के लिए बड़े स्टार्स और एक मजबूत बिजनेस प्रपोजल की जरूरत होती थी। पूरा सिस्टम इसी तरह काम करता था।

शेखर ने पुराने फॉर्मूले की आलोचना करते हुए कहा, "एक तय टेम्पलेट होता था, हीरो, हीरोइन, गाने, रोमांस, विलेन और आखिर में हैप्पी एंडिंग।"

उनके अनुसार, पहले फोकस कहानी पर कम और इस बात पर ज्यादा होता था कि फिल्म कितने एक्टर्स को प्रभावित कर सकती है।

उन्होंने कहा, "पहले फ़िल्में एक्टर्स के दम पर चलती थीं, लेकिन अब एक्टर्स किरदारों को सशक्त बना रहे हैं।"

कंटेंट को मिल रही है प्राथमिकता

शेखर का मानना है कि आज के दौर में रचनात्मक स्वतंत्रता बहुत बढ़ गई है। अब ऐसा कंटेंट आसानी से बनाया जा सकता है जिस पर मेकर्स सच में विश्वास करते हैं।

यह बदलाव न केवल फिल्म निर्माताओं के लिए बल्कि दर्शकों के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है, जिन्हें अब विविध और नई तरह की कहानियां देखने को मिल रही हैं।

शेखर सुमन का यह नजरिया दिखाता है कि वह इंडस्ट्री के विकास को लेकर कितने सकारात्मक हैं। उनका मानना है कि अब कहानी ही असली हीरो है, जो इंडस्ट्री के लिए एक अच्छा संकेत है।

*Edit with Google AI Studio

शेयर करें: