चेस्टर-ले-स्ट्रीट | भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 सीरीज के आगाज से ठीक पहले, युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू को लेकर चल रही अटकलों पर कप्तान श्रेयस अय्यर ने पूर्णविराम लगा दिया है। उन्होंने साफ किया है कि टीम की प्राथमिकता फिलहाल वर्ल्ड कप विजेता खिलाड़ियों को ही मौके देना है।
Cricket: वैभव के डेब्यू पर अय्यर ने तोड़ी चुप्पी, बताया क्यों नहीं मिला मौका
श्रेयस अय्यर ने बताया कि वर्ल्ड कप विजेता खिलाड़ियों को मौका देना टीम की प्राथमिकता है, जिससे सूर्यवंशी का इंतजार बढ़ सकता है।
HIGHLIGHTS
- श्रेयस अय्यर ने वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू की अटकलों पर विराम लगाया।
- टीम की प्राथमिकता वर्ल्ड कप विजेता खिलाड़ियों को लगातार मौके देना है।
- अय्यर ने कहा कि इससे खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ता है और उन्हें सुरक्षा मिलती है।
- टी20 वर्ल्ड कप में संजू सैमसन और ईशान किशन टॉप परफॉर्मर रहे थे।
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अय्यर ने क्यों किया वर्ल्ड कप विजेताओं का समर्थन?
मैच से पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में श्रेयस अय्यर ने टीम की रणनीति का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि जिन खिलाड़ियों ने हाल ही में टी20 वर्ल्ड कप जिताया है, उनका आत्मविश्वास बनाए रखना बेहद जरूरी है।
अय्यर का मानना है कि इन खिलाड़ियों को लगातार मौके देने से उन्हें सुरक्षा का एहसास होता है, जो टीम के लिए फायदेमंद है।
"जिन खिलाड़ियों ने पिछला टी20 वर्ल्ड कप जीता है, उन्हें अच्छी तरह पता है कि टी20 क्रिकेट कैसे खेला जाता है और टीम को मैच कैसे जिताए जाते हैं। वे इस टीम के मुख्य स्तंभ हैं।"
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इस बयान से यह लगभग तय हो गया है कि इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 में वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में जगह मिलना मुश्किल है।
टीम संयोजन को प्राथमिकता
कप्तान ने जोर देकर कहा कि एक बड़े टूर्नामेंट से पहले टीम के मुख्य खिलाड़ियों को लय में रखना महत्वपूर्ण है। ये वही खिलाड़ी हैं जो लगातार टी20 फॉर्मेट खेलते आ रहे हैं और टीम की जरूरतों को समझते हैं।
इसलिए, टीम मैनेजमेंट किसी नए खिलाड़ी को आजमाने की बजाय स्थापित खिलाड़ियों पर ही भरोसा जता रहा है।
वर्ल्ड कप में चमके थे ये सितारे
श्रेयस अय्यर जिस वर्ल्ड कप की बात कर रहे हैं, उसमें कुछ खिलाड़ियों का प्रदर्शन असाधारण रहा था। संजू सैमसन ने भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए थे।
सैमसन ने सिर्फ 5 मैचों में 80 की शानदार औसत से 321 रन बटोरे थे, जिसमें 27 चौके और 24 छक्के शामिल थे।
वहीं, विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने भी 9 मैचों में 35 की औसत से 317 रन बनाकर अहम योगदान दिया था।
अभिषेक शर्मा पर सवाल
हालांकि, टीम में अभिषेक शर्मा की जगह पर सवाल उठते रहे हैं। फाइनल की एक पारी को छोड़ दें तो पूरे टूर्नामेंट में उनका बल्ला खामोश रहा था।
उनसे ज्यादा रन तो सूर्यकुमार यादव और शिवम दुबे ने बनाए थे। इसके बावजूद वर्ल्ड कप के बाद अभिषेक टीम में बने रहे, जबकि सूर्यकुमार यादव को कप्तानी से हटाने के साथ-साथ टीम से भी बाहर कर दिया गया।
इन फैसलों से साफ है कि टीम मैनेजमेंट फिलहाल अपने आजमाए हुए खिलाड़ियों के साथ ही आगे बढ़ना चाहता है, जिससे वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा प्रतिभाओं को अपने मौके के लिए और इंतजार करना पड़ सकता है।
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