सिरोही | राज्य सरकार के स्पष्ट निर्देश हैं कि शराब की दुकानें रात 8 बजे बंद हो जानी चाहिए। लेकिन सिरोही शहर में इन नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यहां देर रात 11 बजे तक शराब का अवैध कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है।
सिरोही में शराब का खेल!: सिरोही: 8 बजे बाद भी धड़ल्ले से बिक रही शराब, प्रशासन मौन?
नियमों की धज्जियां! सिरोही में रात 11 बजे तक बिक रही शराब, आधा शटर गिराकर चल रहा अवैध कारोबार।
HIGHLIGHTS
- सिरोही में रात 8 बजे की डेडलाइन के बाद भी 11 बजे तक शराब की अवैध बिक्री हो रही है।
- दुकानदार आधा शटर गिराकर और गुप्त दरवाजों के जरिए ग्राहकों को शराब बेच रहे हैं।
- कई दुकानों पर शराब की एमआरपी से अधिक कीमत वसूली जा रही है।
- शहर के कई होटलों और ढाबों में बिना लाइसेंस के अवैध बार चलाए जा रहे हैं।
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पड़ताल में सामने आया कि शहर की लगभग सभी शराब की दुकानों पर यह खेल चल रहा है। दुकानदार आधा शटर गिराकर या पिछले दरवाजों से ग्राहकों को शराब बेच रहे हैं।
नियम ताक पर, प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
शहर के रीको क्षेत्र से लेकर अन्य इलाकों तक, हर जगह एक जैसा ही नजारा है। कुछ दुकानदार तो दीवारों में बने छोटे छेदों से शराब की बोतलें ग्राहकों तक पहुंचा रहे हैं।
यह अवैध कारोबार सिर्फ दुकानों तक ही सीमित नहीं है। शहर के कई होटलों और ढाबों में बिना लाइसेंस के अवैध बार संचालित हो रहे हैं, जहां देर रात तक महफिलें सजती हैं।
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एमआरपी से ज्यादा वसूली और अवैध बार
ग्राहकों की एक और बड़ी शिकायत यह है कि उनसे शराब की तय कीमत (एमआरपी) से ज्यादा पैसे वसूले जा रहे हैं। देर रात होने का फायदा उठाकर दुकानदार मनमाने दाम वसूल रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब यह सब खुलेआम हो रहा है, तो आबकारी विभाग और पुलिस प्रशासन कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा? क्या अधिकारियों की मिलीभगत से यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है?
इस पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। ऐसा लगता है कि नियम सिर्फ कागजों में सिमट कर रह गए हैं और अवैध शराब कारोबारियों को किसी का डर नहीं है।
अब देखना यह होगा कि इस खुलासे के बाद प्रशासन नींद से जागता है या नहीं। क्या अवैध शराब बिक्री, ओवररेटिंग और बिना लाइसेंस वाले बारों पर कोई ठोस कार्रवाई होगी, या यह खेल यूं ही चलता रहेगा?
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