सिरोही | शहर का ऐतिहासिक सरूप क्लब इन दिनों सुर्खियों में है। खेल, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित इस प्रतिष्ठित क्लब की कार्यप्रणाली पर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। शहर में चर्चा है कि शाम होते-होते क्लब का माहौल बदल जाता है और यहां शराब पार्टियों के साथ जुए-सट्टे जैसी गतिविधियां होने के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं।
सरूप क्लब पर गंभीर सवाल: खेल का मंच या शराब-जुए का अड्डा? वायरल वीडियो से मचा बवाल
सिरोही के सरूप क्लब में शराब-जुए के आरोपों से हड़कंप। वायरल वीडियो ने क्लब की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
HIGHLIGHTS
- सोशल मीडिया पर ताश पर पैसे लगाने का वीडियो वायरल, क्लब में शराब पार्टियों और जुए-सट्टे को लेकर शहरभर में चर्चा तेज; जवाबदेही पर उठे सवाल।
- सोशल मीडिया पर ताश पर पैसे लगाने का एक वीडियो वायरल होने से विवाद खड़ा हो गया है।
- क्लब की स्थापना खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई थी।
- शहरवासियों ने क्लब की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पारदर्शी जांच की मांग की है।
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विवाद को उस समय और हवा मिल गई जब सोशल मीडिया पर ताश के पत्तों पर पैसे लगाकर खेलते लोगों का एक वीडियो वायरल हो गया। हालांकि यह दावा किया जा रहा है कि वीडियो पुराना है, लेकिन इसके सामने आने के बाद क्लब में लंबे समय से जुए-सट्टे जैसी गतिविधियां होने की चर्चाओं ने फिर जोर पकड़ लिया है। फिलहाल इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
शहरवासियों का कहना है कि यदि क्लब में इस प्रकार की गतिविधियां संचालित हो रही हैं तो यह उसके मूल उद्देश्य के विपरीत है। उनका मानना है कि खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए बनी संस्था की गरिमा बनाए रखने के लिए पारदर्शी जांच और आवश्यक कार्रवाई होनी चाहिए।
अब सवाल केवल वायरल वीडियो का नहीं, बल्कि सरूप क्लब की व्यवस्था, संचालन और जवाबदेही का भी है। क्लब की बदलती पहचान को लेकर शहर में बहस तेज है और लोग चाहते हैं कि पदाधिकारी सामने आकर स्थिति स्पष्ट करें। वहीं प्रशासन की भूमिका पर भी निगाहें टिकी हुई हैं कि इन चर्चाओं और वायरल वीडियो के संबंध में क्या कदम उठाए जाते हैं।
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