सिरोही |
चिंटूसिंह हत्याकांड: आधी रात पुलिस एक्शन: सिरोही: चिंटूसिंह हत्याकांड में आधी रात पुलिस कार्रवाई
सिरोही में चिंटूसिंह हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठी 70 वर्षीय मां को पुलिस ने देर रात जबरन हटाया। परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
HIGHLIGHTS
- चिंटूसिंह हत्याकांड में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना।
- पुलिस ने देर रात कार्रवाई कर 70 वर्षीय मां सहित परिजनों को धरनास्थल से हटाया।
- परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने बुजुर्ग मां को जबरन उठाकर अस्पताल पहुंचाया।
- हत्या के दो माह बाद भी मुख्य आरोपी सहित नौ आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
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पालड़ी एम थाना क्षेत्र के पोसालिया निवासी नरेंद्र सिंह उर्फ चिंटूसिंह हत्याकांड में तनाव बढ़ गया है। सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में चल रहे अनिश्चितकालीन धरने पर मंगलवार देर रात पुलिस ने कार्रवाई की।
इस कार्रवाई के दौरान पुलिस और परिजनों के बीच खींचतान भी हुई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
देर रात धरनास्थल पर पुलिस की कार्रवाई
देर रात भारी पुलिस बल धरनास्थल पर पहुंचा। पुलिस ने धरने पर बैठी मृतक की 70 वर्षीय मां सहित अन्य परिजनों को वहां से हटा दिया।
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परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने बुजुर्ग मां को जबरन उठाकर जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया, जिससे परिवार और समर्थकों में भारी आक्रोश है।
मौके पर मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी
कार्रवाई के दौरान डीएसपी मुकेश चौधरी, शहर कोतवाल कैलाशदान, सदर थानाधिकारी घनश्याम सिंह और महिला थानाधिकारी माया पंडित सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद था। महिला पुलिसकर्मियों ने धरने पर बैठी महिलाओं को हटाया।
क्यों हो रहा है प्रदर्शन?
धरने पर बैठे परिजनों का कहना है कि 12 मई को हुई चिंटूसिंह की हत्या को दो महीने से ज्यादा हो चुके हैं। इसके बावजूद पुलिस केवल दो आरोपियों को ही गिरफ्तार कर पाई है।
मुख्य आरोपी सहित नौ आरोपी अब भी फरार हैं। इसी मांग को लेकर मृतक की मां, तीन बहनें और भाई अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
'आरोपियों की गिरफ्तारी तक आंदोलन जारी'
परिवार का कहना है कि जब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं हो जाते, तब तक उनका आंदोलन और भूख हड़ताल जारी रहेगी। इससे पहले प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच हुई वार्ता भी बेनतीजा रही थी, क्योंकि कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला।
कैसे हुई थी चिंटूसिंह की हत्या?
परिजनों के अनुसार, 7 मई को आरोपियों ने चिंटूसिंह को खंदरा गांव के पास एक होटल पर बुलाया था। वहां पहुंचने पर पहले उसकी गाड़ी को टक्कर मारी गई।
इसके बाद आरोपियों ने लाठियों और अन्य हथियारों से उस पर जानलेवा हमला किया। गंभीर रूप से घायल चिंटूसिंह ने छह दिन तक अस्पताल में इलाज के बाद दम तोड़ दिया। इस मामले में अरविंद सिंह और उसके साथियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज है।
पुलिस का पक्ष
इस मामले पर पुलिस का कहना है कि जांच जारी है। अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार, शेष आरोपियों की तलाश के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। वहीं, धरनार्थियों ने चेतावनी दी है कि जब तक सभी फरार आरोपी पकड़े नहीं जाते, उनका धरना जारी रहेगा।
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