श्रीगंगानगर | राजस्थान के श्रीगंगानगर में भाजपा विधायक जयदीप बिहाणी और आरयूआईडीपी (RUIDP) के सहायक अभियंता (AEN) जगनलाल बैरवा के बीच हुए हाई-प्रोफाइल विवाद की जांच अब तेज हो गई है। राज्य सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय कमेटी मामले की तह तक पहुंचने के लिए शनिवार को ग्राउंड जीरो पर पहुंची।
विधायक-AEN विवाद: IAS कमेटी की जांच: श्रीगंगानगर MLA-AEN विवाद: IAS कमेटी ने की जांच, बिहाणी बोले- पुराने खड्डे खुदवाऊंगा
श्रीगंगानगर में भाजपा विधायक और AEN विवाद की जांच करने IAS रवि जैन की कमेटी पहुंची, विधायक ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
HIGHLIGHTS
- श्रीगंगानगर में विधायक जयदीप बिहाणी और AEN विवाद की जांच के लिए IAS रवि जैन की कमेटी पहुंची।
- कमेटी ने सर्किट हाउस में दोनों पक्षों से पूछताछ कर घटना के तथ्यों की जानकारी ली।
- विधायक ने शहर के विकास कार्यों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए दोबारा खुदाई की चेतावनी दी।
- AEN जगनलाल बैरवा ने मारपीट के आरोपों को नकारा और विधायक पर ही हमले का आरोप लगाया।
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यूडीएच शासन सचिव रवि जैन (IAS) की अध्यक्षता वाली यह कमेटी शुक्रवार रात श्रीगंगानगर सर्किट हाउस पहुंची थी। शनिवार सुबह कमेटी ने दोनों पक्षों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की और घटना के तथ्यों को गहराई से खंगाला।
IAS रवि जैन ने शुरू की जांच प्रक्रिया
जांच कमेटी के अध्यक्ष रवि जैन ने विधायक जयदीप बिहाणी और एईएन जगनलाल बैरवा सहित अन्य संबंधित अधिकारियों से लंबी बातचीत की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी।
इस दौरान सर्किट हाउस में भारी पुलिस जाब्ता तैनात रहा। कमेटी ने न केवल मारपीट के आरोपों की जांच की, बल्कि शहर में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता और भ्रष्टाचार की शिकायतों पर भी चर्चा की।
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विधायक बिहाणी का भ्रष्टाचार पर बड़ा हमला
विधायक जयदीप बिहाणी ने जांच कमेटी के सामने अपना पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने कहा कि वे शहर में हुए सभी कार्यों की व्यापक जांच करवाएंगे। बिहाणी ने अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं।
बिहाणी ने मीडिया से बातचीत में कड़े तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि जनता के खून-पसीने की कमाई को व्यर्थ नहीं बहने दिया जाएगा। विकास कार्यों के नाम पर सिर्फ कागजों में खानापूर्ति की गई है।
"मैं शहर में हुए टोटल काम की जांच करवाऊंगा। इसके लिए चाहे एक हजार करोड़ रुपए कहीं से भी हाथ जोड़कर लाने पड़ें, मैं पुराने पड़े खड्डे खुदवाकर भ्रष्टाचार उजागर करूंगा।"
एईएन बैरवा का मारपीट से इनकार
दूसरी ओर, एईएन जगनलाल बैरवा ने कमेटी को बताया कि उन्होंने विधायक के साथ कोई मारपीट नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक बिहाणी ने ही उन्हें थप्पड़ मारे और गालियां दी थीं।
बैरवा ने दावा किया कि विधायक के समर्थकों ने उन्हें जमीन पर पटक कर पाइप से पीटा। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस को सौंपने से पहले उन्हें नई शर्ट पहनाई गई ताकि शरीर पर लगी चोटें न दिखें।
वाल्मीकि समाज और व्यापारियों का प्रदर्शन
जांच के दौरान सर्किट हाउस के बाहर वाल्मीकि समाज के सैकड़ों लोगों ने विधायक के समर्थन में प्रदर्शन किया। लोगों ने अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और शहर की समस्याओं से शासन सचिव को अवगत कराया।
व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने भी एलएंडटी (L&T) कंपनी द्वारा किए जा रहे कार्यों की घटिया गुणवत्ता की शिकायत की। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर शहर की सड़कों का बुरा हाल कर दिया गया है।
विवाद की जड़ और पुरानी रंजिश
विधायक बिहाणी ने कहा कि एईएन जगनलाल बैरवा 'दिशा' की मीटिंग के समय से ही उनसे रंजिश रख रहे हैं। उन्होंने बैरवा के उन दावों को खारिज कर दिया जिसमें उनकी आंख में चोट की बात कही गई थी।
बिहाणी ने आरोप लगाया कि बैरवा की आंख में चोट साजिश के तहत बाद में पहुंचाई गई है ताकि सहानुभूति मिल सके। उन्होंने कहा कि वे जनता के पैसे की लूट किसी भी कीमत पर नहीं होने देंगे।
मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी विस्तृत रिपोर्ट
शासन सचिव रवि जैन ने आश्वासन दिया कि शहर की समस्याओं और शिकायतों पर भी गंभीरता से विचार किया जाएगा। विधायक द्वारा बताई गई कमियों की एक अलग से तकनीकी रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी।
यह मामला अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आने वाले दिनों में कई बड़े अधिकारियों पर गाज गिर सकती है और विकास कार्यों के बड़े ऑडिट के आदेश हो सकते हैं।
श्रीगंगानगर का यह विवाद अब केवल दो व्यक्तियों के बीच की लड़ाई नहीं रहा, बल्कि यह शहर के विकास और भ्रष्टाचार के मुद्दों तक फैल गया है। मुख्यमंत्री की रिपोर्ट पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
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