दिल्ली | दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शनिवार की देर रात एक बड़ा विमान हादसा होते-होते टल गया। ज्यूरिख जा रही स्विस एयरलाइंस की फ्लाइट के इंजन में टेकऑफ के समय अचानक आग लग गई।
दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान हादसा: दिल्ली एयरपोर्ट पर स्विस विमान का इंजन फेल, लगी आग
ज्यूरिख जा रही स्विस फ्लाइट के इंजन में लगी आग, 6 यात्री घायल और 232 सुरक्षित।
HIGHLIGHTS
- दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर शनिवार रात एक बजे स्विस एयरलाइंस के विमान के इंजन में आग लग गई।
- विमान में 4 नवजात शिशुओं सहित कुल 232 यात्री सवार थे, जिन्हें इमरजेंसी स्लाइड से निकाला गया।
- इमरजेंसी निकासी के दौरान मची भगदड़ में 6 यात्री घायल हो गए, जिनका इलाज किया जा रहा है।
- पिछले 10 दिनों में दिल्ली एयरपोर्ट पर यह दूसरी बड़ी विमान दुर्घटना की घटना सामने आई है।
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आधी रात को एयरपोर्ट पर मचा हड़कंप
यह पूरी घटना शनिवार रात करीब 1:08 बजे की है जब स्विस एयरलाइंस की फ्लाइट संख्या LX147 रनवे पर दौड़ने वाली थी।
विमान जैसे ही अपनी रफ्तार पकड़ने लगा, अचानक उसके बाईं ओर के इंजन और लैंडिंग गियर से धुआं और आग की लपटें निकलने लगीं।
पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत टेकऑफ की प्रक्रिया को रोक दिया और कंट्रोल टावर को इंजन में आग लगने की सूचना दी।
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सूचना मिलते ही एयरपोर्ट प्रशासन ने तुरंत 'फुल इमरजेंसी' घोषित कर दी और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को मौके पर रवाना किया।
232 यात्रियों की जान पर बन आई आफत
विमान में कुल 232 यात्री सवार थे, जिनमें 4 नवजात शिशु भी शामिल थे। आग की खबर से विमान के भीतर अफरा-तफरी मच गई।
सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए यात्रियों को विमान से बाहर निकालने के लिए इमरजेंसी स्लाइड का इस्तेमाल करने का फैसला लिया गया।
विमान के दरवाजों से रबर की स्लाइड खोली गईं और यात्रियों को एक-एक करके नीचे कूदने के लिए कहा गया ताकि उनकी जान बचाई जा सके।
इसी भगदड़ और स्लाइड से नीचे उतरने के दौरान 6 यात्री मामूली रूप से घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
एयरबस A330 विमान में आई तकनीकी खराबी
स्विस एयरलाइंस का यह विमान एयरबस A330 मॉडल का था, जो अपनी लंबी दूरी की उड़ानों और सुरक्षा के लिए जाना जाता है।
विमान के लैंडिंग गियर के पास से धुआं निकलने की शुरुआती रिपोर्ट मिली है, जिसकी जांच अब विशेषज्ञों की टीम द्वारा की जा रही है।
एयरपोर्ट पर तैनात फायर फाइटर्स ने कुछ ही मिनटों में आग पर काबू पा लिया, जिससे एक बड़ा विस्फोट होने से बच गया।
विमान को रनवे से हटाकर अब तकनीकी जांच के लिए हैंगर में भेज दिया गया है ताकि इंजन फेल होने के कारणों का पता चले।
स्विस एयरलाइन ने जारी किया आधिकारिक बयान
हादसे के बाद स्विस एयरलाइन ने अपनी प्रतिक्रिया दी है और यात्रियों की सुरक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है।
हमें दिल्ली में फ्लाइट LX147 से जुड़ी एक घटना के बारे में जानकारी मिली है। जैसे ही विमान रनवे पर आया, उसमें धुआं देखा गया।
कंपनी ने कहा कि उनकी स्थानीय टीम दिल्ली में मौजूद है और यात्रियों के रहने और आगे की यात्रा का प्रबंध कर रही है।
एयरलाइन ने यह भी स्पष्ट किया कि स्विट्जरलैंड से एक विशेष तकनीकी टीम जल्द ही दिल्ली पहुंचकर इस घटना की विस्तृत जांच करेगी।
10 दिनों में दिल्ली एयरपोर्ट पर दूसरी घटना
दिल्ली का आईजीआई एयरपोर्ट पिछले कुछ दिनों से विमानों की सुरक्षा को लेकर चर्चा में बना हुआ है क्योंकि यह दूसरी घटना है।
इससे पहले 16 अप्रैल को स्पाइसजेट और अकासा एयर के विमान आपस में टकरा गए थे, हालांकि उस समय कोई हताहत नहीं हुआ था।
लगातार हो रही इन घटनाओं ने एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था और विमानों के रखरखाव पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
यात्रियों का अनुभव: मौत के साये में बीते पल
विमान में सवार यात्रियों ने बताया कि जैसे ही इंजन से धुआं निकला, केबिन के अंदर घबराहट और चीख-पुकार का माहौल बन गया था।
एक यात्री ने बताया कि वे सभी ज्यूरिख पहुंचने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन अचानक विमान के रुकने और धुएं ने सबको डरा दिया।
इमरजेंसी स्लाइड से उतरना आसान नहीं था और अंधेरे के कारण कई लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े, जिससे चोटें आईं।
हालांकि, एयरपोर्ट अथॉरिटी और एयरलाइन स्टाफ की मुस्तैदी ने समय रहते सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जो राहत की बात है।
तकनीकी जांच और सुरक्षा प्रोटोकॉल
विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि इंजन फेल होना और लैंडिंग गियर में आग लगना एक गंभीर मैकेनिकल खराबी का संकेत है।
आमतौर पर बर्ड हिट या ब्रेक ओवरहीटिंग के कारण ऐसी घटनाएं होती हैं, लेकिन इस मामले में जांच के बाद ही सच सामने आएगा।
रनवे पर मौजूद सीसीटीवी फुटेज और विमान के ब्लैक बॉक्स की मदद से दुर्घटना के समय के सटीक डेटा का विश्लेषण किया जाएगा।
दिल्ली एयरपोर्ट पर इस घटना के बाद कुछ समय के लिए उड़ानों का संचालन भी प्रभावित हुआ, जिसे बाद में सामान्य कर दिया गया।
भविष्य की चुनौतियां और हवाई सुरक्षा
भारत में हवाई यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, ऐसे में विमानों की तकनीकी फिटनेस सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती है।
एयरलाइंस को अपने विमानों के नियमित ऑडिट और मेंटेनेंस पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके।
दिल्ली एयरपोर्ट जैसे व्यस्त हवाई अड्डों पर इमरजेंसी रिस्पांस टीम का हमेशा तैयार रहना ही आज बड़ी जनहानि को टाल सका है।
सरकार और उड्डयन मंत्रालय को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुरक्षा नियमों को और सख्त बनाने की दिशा में काम करना होगा।
निष्कर्ष और वर्तमान स्थिति
फिलहाल सभी 232 यात्री सुरक्षित हैं और घायल यात्रियों की स्थिति भी स्थिर बताई जा रही है, जो एक बड़ी राहत है।
इस घटना ने एक बार फिर याद दिलाया है कि हवाई यात्रा में सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करना कितना अनिवार्य है।
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