रथ में सवार होकर अपनी मौसी के घर चले तीनों बहन-भाई, रथ के निर्माण में नहीं होता कील-धातु का प्रयोग
भक्त बड़े उत्साह के साथ भगवान के बड़े रथों को बारी-बारी से खींचते हुए लगभग ढाई से तीन किलोमीटर की दूरी तय करके गुंडिचा मंदिर तक पहुंचते हैं, जिसे भगवान...