चेन्नई | तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अभिनेता से नेता बने थलपति विजय की पार्टी टीवीके बहुमत के आंकड़े के करीब पहुंचने के बाद अब सरकार बनाने की दिशा में बढ़ रही है।
विजय की टीवीके बनाएगी सरकार: तमिलनाडु: विजय की टीवीके बनाएगी गठबंधन सरकार
थलपति विजय की पार्टी टीवीके तमिलनाडु में सहयोगियों के साथ गठबंधन सरकार बनाने की तैयारी में है।
HIGHLIGHTS
- विजय को सर्वसम्मति से टीवीके विधायक दल का नेता चुना गया है।
- बहुमत के लिए टीवीके को कांग्रेस और वामपंथी दलों के समर्थन की जरूरत है।
- गठबंधन सरकार में कांग्रेस को दो कैबिनेट पद मिलने की संभावना है।
- वीसीके और वामपंथी दल डीएमके गठबंधन से अलग होकर टीवीके का साथ दे सकते हैं।
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मंगलवार को तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों ने हिस्सा लिया और भविष्य की रणनीति पर चर्चा की।
बैठक का सबसे मुख्य एजेंडा विधायक दल के नेता का चुनाव करना था। सभी विधायकों ने सर्वसम्मति से पार्टी सुप्रीमो विजय को अपना नेता चुन लिया है।
तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 118 सीटों का है। टीवीके इस जादुई आंकड़े से कुछ सीटें पीछे रह गई है, लेकिन गठबंधन की संभावनाएं अब प्रबल नजर आ रही हैं।
विजय ने अपने पार्टी कार्यालय का दौरा किया और विधायकों के साथ लंबी मंत्रणा की। इस दौरान गठबंधन की रूपरेखा स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आने लगी है।
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गठबंधन की नई गणित और समीकरण
आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि टीवीके को सरकार बनाने के लिए छोटे दलों के समर्थन की आवश्यकता होगी। इसमें कांग्रेस और वामपंथी दल निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
वर्तमान स्थिति में कांग्रेस के पास 5 सीटें हैं। वहीं वीसीके, सीपीआई और सीपीआई(एम) के पास क्रमशः 2-2 सीटें हैं। यह समूह मिलकर 11 विधायकों का समर्थन दे सकता है।
यदि ये दल विजय को समर्थन देते हैं, तो टीवीके आसानी से बहुमत के आंकड़े को पार कर लेगी। इससे राज्य में एक स्थिर सरकार बनने का रास्ता साफ हो जाएगा।
इसके अलावा आईयूएमएल, डीएमडीके और पीएमके के कुछ धड़ों से भी समर्थन मिलने की उम्मीद है। यह समर्थन सरकार को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।
डीएमके गठबंधन में फूट की संभावना
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि वामपंथी दल और वीसीके जल्द ही डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन से अलग हो सकते हैं। वे विजय के साथ नया मोर्चा बना सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, इन पार्टियों के शीर्ष नेतृत्व और टीवीके के बीच अनौपचारिक बातचीत का दौर शुरू हो चुका है। गठबंधन सरकार बनाने की मंशा भी जाहिर की गई है।
कैबिनेट विस्तार और पदों का बंटवारा
प्रस्तावित गठबंधन के तहत कैबिनेट पोर्टफोलियो के बंटवारे पर भी चर्चा हो रही है। कांग्रेस को मंत्रिमंडल में दो महत्वपूर्ण पद मिलने की संभावना जताई जा रही है।
अन्य छोटे सहयोगियों को एक-एक पोर्टफोलियो आवंटित किया जा सकता है। टीवीके अपने सहयोगियों को कुल चार से छह मंत्री पद देने पर विचार कर रही है।
विजय की पार्टी के अधिकांश विजयी उम्मीदवार पहली बार विधायक बने हैं। ऐसे में अनुभवी नेताओं को कैबिनेट में शामिल करना सरकार के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
एआईएडीएमके के पूर्व दिग्गज नेता के. सेंगोत्तैयान के अलावा, विजय की टीम में नए चेहरों की भरमार है। यह युवा जोश और अनुभव का एक अनूठा संगम होगा।
धर्मनिरपेक्ष मोर्चे की प्रतिबद्धता
वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने गठबंधन सरकार के पक्ष में बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जनता अब राज्य में गठबंधन की राजनीति को पसंद कर रही है।
थिरुमावलवन ने संकेत दिया कि उनकी पार्टी और वामपंथी सहयोगी एक धर्मनिरपेक्ष मोर्चे के तहत काम करेंगे। यह मोर्चा राज्य के विकास के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
"जनता गठबंधन सरकार के पक्ष में दिख रही है। हम एक धर्मनिरपेक्ष मोर्चे के तहत राज्य के विकास के लिए काम करना जारी रखेंगे।" - थोल थिरुमावलवन
विजय ने भी चुनाव प्रचार के दौरान गठबंधन सरकार के प्रति खुला रुख अपनाया था। तमिलनाडु जैसे राज्य में यह एक ऐतिहासिक और साहसिक कदम माना जा रहा है।
राज्य में अब तक सत्ता का केंद्रीकरण एक ही पार्टी के पास रहने की परंपरा रही है। विजय का यह नया दृष्टिकोण राज्य की राजनीति की दिशा बदल सकता है।
नई सरकार के सामने कई चुनौतियां होंगी, जिसमें प्रशासन को सुव्यवस्थित करना और चुनावी वादों को पूरा करना शामिल है। विजय के नेतृत्व की यह पहली बड़ी परीक्षा होगी।
थलपति विजय का राजनीति में प्रवेश और अब सरकार बनाने की तैयारी तमिलनाडु के इतिहास में एक नया अध्याय है। गठबंधन की यह स्थिरता ही राज्य के भविष्य को तय करेगी।
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