जयपुर | राजस्थान में कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर सियासत गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अराजकता का यह आलम है कि अब सत्ताधारी दल के विधायक भी सुरक्षित नहीं रह गए हैं।
जूली का भाजपा पर हमला: राजस्थान में जंगलराज: विधायक की पिटाई पर जूली का तंज
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भ्रष्टाचार और गिरती कानून व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरा।
HIGHLIGHTS
- नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राजस्थान में बढ़ते जंगलराज और भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
- श्रीगंगानगर विधायक जयदीप बिहाणी पर हुए हमले को लेकर सरकार की सुरक्षा व्यवस्था को घेरा।
- बिजली विभाग में सुधार के नाम पर करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार और अघोषित कटौती का आरोप लगाया।
- अलवर में संविदाकर्मी की मौत मामले में कंपनियों की लापरवाही और मिलीभगत पर कार्रवाई की मांग की।
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विधायक की पिटाई और सुरक्षा पर सवाल
जूली ने श्रीगंगानगर के भाजपा विधायक जयदीप बिहाणी पर अधिकारियों द्वारा किए गए हमले का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब दिनदहाड़े विधायक की पिटाई हो रही है, तो आम जनता की सुरक्षा अब पूरी तरह भगवान भरोसे है।
मुख्यमंत्री जी, आम आदमी की सुरक्षा की बात तो छोड़िए, कम से कम अपने विधायकों की सुरक्षा तो सुनिश्चित कर लीजिए।
जूली के अनुसार, राज्य में जंगलराज बढ़ता जा रहा है और अधिकारियों का मनोबल इतना बढ़ गया है कि वे जनप्रतिनिधियों पर हमला करने से भी नहीं कतरा रहे हैं। यह सरकार की विफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है।
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बिजली विभाग में करोड़ों का भ्रष्टाचार
नेता प्रतिपक्ष ने बिजली तंत्र में सुधार के नाम पर करोड़ों रुपये डकारने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कागजों पर करोड़ों खर्च हुए, लेकिन हकीकत में जनता अघोषित बिजली कटौती और अंधेरे में जीने को मजबूर है।
घोटालों में किसकी भागीदारी?
अलवर में संविदाकर्मी राजेश कुमार की मौत को उन्होंने विभाग की लापरवाही बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि मेंटेनेंस का काम करने वाली कंपनियां अपनी जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल रही हैं और भ्रष्टाचार चरम पर है।
जूली ने सवाल उठाया कि क्या इन दोषियों पर कोई कड़ी कार्रवाई होगी या भ्रष्टाचार का यह खेल ऐसे ही चलता रहेगा? उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को सजा देने की मांग की है।
राजस्थान की वर्तमान स्थिति पर जूली के ये आरोप सरकार के लिए बड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं। अब देखना यह है कि सरकार इन गंभीर आरोपों और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए आने वाले समय में क्या ठोस कदम उठाती है।
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