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क्रिकेट

तिलक वर्मा का ऐतिहासिक शतक: तिलक वर्मा ने रचा इतिहास, सनथ जयसूर्या के सबसे तेज शतक के रिकॉर्ड की बराबरी की

बलजीत सिंह शेखावत

मुंबई इंडियंस के तिलक वर्मा ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ मात्र 45 गेंदों में नाबाद शतक जड़कर सनथ जयसूर्या के 16 साल पुराने रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है।

HIGHLIGHTS

  • तिलक वर्मा ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ 45 गेंदों में नाबाद 101 रनों की शानदार पारी खेली।
  • उन्होंने मुंबई इंडियंस के लिए सनथ जयसूर्या के सबसे तेज शतक (45 गेंद) के रिकॉर्ड की बराबरी की।
  • तिलक की इस ऐतिहासिक पारी में कुल 8 शानदार चौके और 7 गगनचुंबी छक्के शामिल थे।
  • कैमरन ग्रीन (47 गेंद) और सूर्यकुमार यादव (49 गेंद) अब इस सूची में पिछड़ गए हैं।
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मुंबई | इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के 30वें मुकाबले में सोमवार को मुंबई इंडियंस के युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा ने इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया। तिलक वर्मा ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ तूफानी बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 101 रनों की शतकीय पारी खेली। इस विस्फोटक पारी के दौरान उन्होंने मैदान के हर कोने में शॉट लगाए। उन्होंने मात्र 45 गेंदों का सामना किया, जिसमें 8 चौके और 7 छक्के शामिल थे। यह आईपीएल इतिहास में एमआई की तरफ से बनाया गया संयुक्त रूप से सबसे तेज शतक है।

सनथ जयसूर्या के रिकॉर्ड की बराबरी

इस शतक के साथ तिलक वर्मा ने श्रीलंका के दिग्गज सनथ जयसूर्या के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। जयसूर्या ने 2008 में सीएसके के खिलाफ 45 गेंदों में शतक जड़ा था। मुंबई इंडियंस के लिए सबसे तेज शतकों के मामले में कैमरन ग्रीन दूसरे स्थान पर हैं। ग्रीन ने 2023 में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 47 गेंदों में यह कमाल किया था। वहीं, सूर्यकुमार यादव भी 2023 में गुजरात टाइटंस के खिलाफ 49 गेंदों में शतक लगा चुके हैं। तिलक की इस पारी ने अब सबको पीछे छोड़ दिया है।

'पहला शतक हमेशा खास होता है'

मैच के बाद तिलक वर्मा को 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। उन्होंने कहा, "पहला शतक हमेशा खास होता है और सच कहूं तो यह हमारे लिए बहुत जरूरी था।" उन्होंने अपनी रणनीति पर बात करते हुए कहा कि पिछले कुछ मैचों में वे पिच पर ज्यादा समय नहीं बिता पाए थे। इसलिए इस मैच में उनका लक्ष्य टिके रहना था। तिलक ने बताया कि शुरुआती 20 गेंदों पर उन्होंने सिर्फ एक-एक गेंद पर ध्यान दिया। जब वे पिच को समझ गए, तब उन्होंने अपने स्वाभाविक आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया।

काबिलियत और बुनियादी तकनीक पर भरोसा

जब उनसे उनके सीधे शॉट्स के बारे में पूछा गया, तो तिलक ने बताया कि वे बस स्थिति के अनुसार खेल रहे थे और उनका सिर पूरी तरह स्थिर था। उन्होंने कहा, "दबाव की स्थिति में आपको बस अपनी काबिलियत पर भरोसा करने की जरूरत होती है। आज मैंने अपनी काबिलियत पर भरोसा किया और अच्छे नतीजे मिले।" तिलक की इस पारी की बदौलत मुंबई इंडियंस ने टूर्नामेंट में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। प्रशंसकों को उम्मीद है कि वे आगे भी इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखेंगे।

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