thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 📍 राज्य 📰 लाइफ स्टाइल 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 📰 जालोर 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 📰 मनचाही ▶️ YouTube
राजनीति

बंगाल में गुंडा कानून लागू, 1 साल हिरासत, संपत्ति पर बुलडोजर

जोगेन्द्र सिंह शेखावत

पश्चिम बंगाल में आज से गुंडागर्दी के खिलाफ नया कानून लागू हो गया है। इसके तहत पुलिस बिना केस के संदिग्ध को एक साल तक हिरासत में रख सकती है और संपत्ति पर बुलडोजर भी चला सकती है।

+Follow us
thinQ360 को गूगल पर फेवरेट बनाएँ

HIGHLIGHTS

  • पश्चिम बंगाल में आज से गुंडागर्दी के खिलाफ नया कानून लागू हो गया है।
  • कानून के तहत किसी भी संदिग्ध को पुलिस बिना केस के एक साल तक हिरासत में रख सकती है।
  • दंगे और हुड़दंग मचाने वाले असामाजिक तत्वों की संपत्ति पर बुलडोजर चलाने का भी अधिकार मिलेगा।
  • 29 जून को विधानसभा ने इस कानून को मंजूरी दी थी।
west bengal public safety act 2026 anti goonda law implemented

पश्चिम बंगाल | पश्चिम बंगाल में शुभेन्दु सरकार ने गुंडागर्दी पर लगाम कसने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में आज से गुंडागर्दी को खत्म करने के उद्देश्य से एक नया और सख्त कानून लागू हो गया है। सरकार बनने के बाद इसे शुभेन्दु अधिकारी का एक अहम फैसला माना जा रहा है।

क्या है बंगाल का नया 'गुंडा कानून'?

प्रदेश की बीजेपी सरकार ने इस कानून को 'पश्चिम बंगाल सार्वजनिक सुरक्षा एवं असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण विधेयक 2026' नाम दिया है। इस कानून के लागू होने से पुलिस को असामाजिक तत्वों से निपटने के लिए कई नए अधिकार मिल गए हैं।

इस कानून का मुख्य उद्देश्य राज्य में सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा को मजबूत करना है।

विधानसभा में मिली थी मंजूरी

इस कानून को 29 जून को विधानसभा में मंजूरी दी गई थी। उस दौरान 'पश्चिम बंगाल सार्वजनिक सुरक्षा एवं असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण अधिनियम, 2026' और 'पश्चिम बंगाल सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने (संशोधन) अधिनियम, 2026' को पारित किया गया था। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में इन कानूनों की आवश्यकता पर जोर दिया था।

कानून के मुख्य प्रावधान

इस नए कानून में कई कड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं, जो पुलिस को पहले से ज्यादा शक्तियां प्रदान करते हैं।

एक साल तक हिरासत

कानून के तहत, पुलिस किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को बिना किसी मामले के एक साल तक हिरासत में रख सकती है। गुंडा घोषित किए गए व्यक्तियों को 12 महीने तक हिरासत में रखा जा सकेगा।

वकील रखने पर भी शर्त

गंभीर मामलों में, ऐसे लोगों को अपनी पसंद का वकील रखने की अनुमति नहीं होगी। उन्हें केवल सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली कानूनी सहायता सेवा के माध्यम से ही कानूनी मदद मिल सकेगी।

संपत्ति पर चलेगा बुलडोजर

यह कानून दंगे और हुड़दंग मचाने वाले असामाजिक तत्वों की संपत्ति पर बुलडोजर चलाने का भी अधिकार देता है। सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले आरोपियों से मुआवजे की वसूली का भी प्रावधान है।

क्लेम्स कमीशन का गठन

नुकसान का आकलन करने और मुआवजे की राशि तय करने के लिए एक 'क्लेम्स कमीशन' का गठन किया जाएगा। यह कमीशन सुनिश्चित करेगा कि पीड़ितों को उचित मुआवजा मिले।

पुलिस को मिले अतिरिक्त अधिकार

पुलिस को आदतन अपराधियों और गुंडों को किसी विशेष क्षेत्र या जिले से बाहर निकालने का आदेश देने का भी अधिकार होगा। इसके अलावा, दंगों को रोकने के लिए घटना से पहले ही संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया जा सकेगा। कानून में गुंडों को शरण देने और उनकी मदद करने वालों के लिए भी सजा का प्रावधान है।

कानून पर राजनीतिक प्रतिक्रिया

इस कानून को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। बीजेपी सांसद राजू बिस्ता ने इस कदम का स्वागत किया है।

बीजेपी सांसद राजू बिस्ता ने कहा था कि ममता बनर्जी की सरकार में गुंडागर्दी होती थी। जब से प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनी है, तब से गुंडागर्दी बंद हुई है। जिन लोगों ने जनता का पैसा लूटा है वह अब सरकार के खजाने में आएगा। जिसका इस्तेमाल भी जनता के लिए होगा।

*Edit with Google AI Studio

शेयर करें: